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परिषदीय विद्यालयों में छात्र छात्राओं को निशुल्क वितरित किए जाने वाले यूनिफॉर्म के संबंध में जिला स्तरीय समिति की बैठक सम्पन्न।

रिपोर्ट-सद्दाम हुसैन

हमीरपुर : 07 सितम्बर 2020

 हमीरपुर: आने वाली ठंड के दृष्टिगत परिषदीय विद्यालयों में छात्र छात्राओं को निशुल्क वितरित किए जाने वाले यूनिफॉर्म के संबंध में जिला स्तरीय समिति की बैठक जिलाधिकारी डॉ ज्ञानेश्वर त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई।
   बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि छात्र छात्राओं को  विण्टर यूनिफॉर्म का वितरण समयबद्ध ढंग से हो इसके लिए टेण्डर आदि का कार्य शीघ्र पूरा किया जाय। क्रय कार्य जेम पोर्टल के माध्यम से नियमानुसार हो ,इसके लिए जेम पोर्टल में रिवर्स का विकल्प अवश्य रखा जाय ताकि किसी तरह की अनियमितता न होने पाए।  क्रय कार्य वित्तीय नियमानुसार, समयबद्ध ढंग से तथा गुणवत्तापूर्ण होना चाहिये इसमे किसी तरह की लापरवाही न होने पाये। उन्होंने संबंध में अन्य जरूरी निर्देश दिए।
   इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी कमलेश कुमार वैश्य , मुख्य कोषाधिकारी दिनेश कुमार ,बीएसए तथा अन्य संबंधित मौजूद रहे।


   
02 - आज जिलाधिकारी डॉ ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने  कलेक्टर सभागार से राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ किया।


    इस मौके पर जिलाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह सम्पूर्ण सितंबर माह आयोजित होगा। इसका उद्देश्य  विभिन्न उपायों द्वारा छोटे बच्चों , गर्भवती धात्री/ महिलाओं  के कुपोषण को प्रभावी ढंग से दूर करना है ताकि कुपोषण से होनी वाली बीमारियों व मृत्युदर आदि न्यूनतम की जा सके।  इस कार्यक्रम में माध्यम से कुपोषित / अतिकुपोषित (सैम/ मैम ) बच्चों/ महिलाओं का चिह्नकन कर उन्हें पोषण वाटिका लगाने, पौष्टिक भोजन का सेवन करने ,06 माह तक शिशु को केवल स्तनपान कराने तत्पश्चात अन्य पौष्टिक आहार लेने के बारे में बताया जाएगा तथा उनको जागरूक किया जाएगा तथा नियमित रूप से उनकी मॉनिटरिंग की जाएगी। ज्ञात हो कि माँ का दूध शिशु के शारिरिक व मानसिक विकास के लिए अत्यावश्यक है यह शिशु को गंभीर बीमारियों से बचाता है।
   जिलाधिकारी ने कहा कि कुपोषित बच्चों/ महिलाओं के परिजनों से संपर्क करके उनको किचेन गार्डन के लिए प्रोत्साहित किया जाय तथा इसमें सहजन का वृक्ष अवश्य लगाया जाए इस अनेक गुणों से भरपूर है तथा पौष्टिक आहार है। पोषण वाटिका तथा उसके रखरखाव  के लिए सभी परिषदीय विद्यालयों को ₹5000 की धनराशि प्रतिवर्ष अनुमन्य किया गया है। उन्होंने कहा कि पंचायत भवनों, आंगनवाड़ी केंद्रों , विद्यालयों में पोषण वाटिका / किचेन गार्डन लगाया जाए। पोषण माह के दौरान ऑनलाइन प्रतियोगिता, डिजिटल पोषण पंचायत, वेबिनार तथा अन्य कार्यक्रमों का आयोजन होगा ।जिलाधिकारी ने कहा कि इसमें जनसहभागिता सुनिश्चित की जाय। सभी कार्यक्रम कोविड-19 के दृष्टिगत सोशल डिस्टेंसिंग के साथ निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए आयोजित किया जाय। प्रतिदिन के कार्यक्रम को सोशल मीडिया, प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से प्रचारित किया जाय।सभी कार्यो का अभिलेखीकरण अवश्य किया जाय।    
  इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी ,पीडी ,सीवीओ तथा अन्य संबंधित मौजूद रहे।




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