Breaking News

निजी अस्पताल में प्रसव के समय जच्चा-बच्चा की मौत परिजनों ने किया एसपी आफिस पर प्रदर्शन।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे घंटों, परिजनों ने लगाया डाक्टर पर लापरवाही का आरोप।

आजमगढ़। नगर के सिधारी स्थित एक प्राइवेट हास्पीटल में गुरूवार की भोर में प्रसव के लिए भर्ती प्रसूता व उसके बच्चे की मौत हो गयी। मौत की खबर जैसे ही लगी परिजनों ने खूब हंगामा किया। वहां तो किसी तरह से पुलिस ने मामले को शांत करा दिया लेकिन सैकड़ों की संख्या में महिला पुरूष एसपी कार्यालय का घेराव करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। सूचना पर पहुंचे सिधारी थाना प्रभारी के साथ काफी संख्या में पुलिस ने किसी तरह मामले को शांत कराया।
नगर कोतवाली के हरैया गांव निवासी लालबहादुर की पत्नी अनीता को बुधवार की देर रात प्रसव पीड़ा हुई। प्रसूता के देवर और सास रात दो बजे के आसपास उसे प्रसव के लिए सिधारी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। गुरूवार की सुबह दोनों की जैसे ही मौत की खबर लगी, परिजन अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। प्रसूता के पति के आरोपों की यदि बात करें तो उसका कहना है कि जब प्रसूता को लेकर अस्पताल पहुंचे तो पहले तो उससे यह कहा गया कि मरीज सीरीयस है। 20 हजार रुपया जमा कराया गया इसके बाद भर्ती लिया गया। कुछ देर बाद ब्लड की कमी बताते हुए ब्लड लिया गया फिर क्या हुआ कुछ पता नहीं। पता तो सिर्फ इतना है कि मेरी पत्नी और जन्मे बच्चे की मौत का लगभग एक घंटे बाद अस्पताल के स्टाफ द्वारा यह कहा गया कि बच्ची ने जन्म लिया है और वह मर चुकी है। आपका मरीज कोमा में चला गया। आनन फानन में उसे डिस्चार्ज किया जाने लगा और पुनः दस हजार रुपये जमा कराने की बात कही गयी। हम लोगों को न तो मरीज से मिलने दिया जा रहा था और न ही कोई जानकारी ही दी गयी। जब मरीज से मिलने की बात कही गयी तो पुलिस बुलाकर मरीज को मृत घोषित कर जिला अस्पताल स्थित मर्चरी हाऊस भेज दिया गया। परिजन अपे सहयोगियों के साथ गुरूवार की सुबह एसपी आफिस पहुंचे और डाक्टर की लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग करने लगे। 

पुलिस को घंटो करनी पड़ी मशक्कत।

आजमगढ़। नगर के सिधारी स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव के समय जच्चा-बच्चा की मौत के बाद काफी संख्या में परिजन एसपी आफिस पहुंच कर डेरा डाल दिये। हर कोई डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग करने लगा। जैसे ही पुलिस को सूचना मिली, सिधारी थाना प्रभारी के साथ काफी संख्या में फोर्स इकट्ठा हो गयी और मृतका के परिजनों को समझाने लगी। कोई पुलिस की बात मानने को तैयार नहीं था। कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह से घंटों बाद पुलिस ने पूरे मामले को शांत कराया। 

मृतका के परिजनों ने सीधे लगाया डाक्टरों पर आरोप।

आजमगढ़। प्रसव के समय हुई जच्चा-बच्चा की मौत पर आक्रोशित परिजनों की यदि बात करें तो वह अस्पताल प्रबंधन सहित चिकित्सक पर कई गंभीर आरोप लगा रहे थे। उनके आरोपों की यदि बात करें तो पहले तो पैसा जमा कराना तो दूसरी तरफ बार-बार कहने के बाद भी मरीज से मिलने न देने का भी आरोप लगाया। उनका कहना था कि जब मरीज से मिलने की बात कही जाती थी तो मरीज सीरीयस है यह कहकर हीलाहवाली की जाने लगी। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि डाक्टर की लापरवाही से ही जच्चा-बच्चा की जान गयी है। 

पहले से ही पेट में मरा था बच्चा, आरोप निराधार: डा.सुभाष सिंह

आजमगढ़। अस्पताल में भर्ती होने से पहले पेट में ही बच्चा मर चुका था। जब अस्पताल में उसके परिजनों ने भर्ती कराया तो उन्हें पूरी बात बता दी गयी थी। उनसे यह कह दिया गया था कि धड़कन नहीं मिल रही है तो उन लोगों ने कहा कि आप इलाज करिए। गुरूवार की भोर में 3.49 बजे मौत हो गयी। पूरी कहानी परिजनों को पता था। पहले कहीं दिखा रहे थे नार्मल डिलेवरी के लिए प्रयास कर रहे थे। उसके बाद यहां लाये ऐसे केसेज में ऐसा होता है कि जब एक दो दिन पहले बच्चा पेट में मर जाता है तो पूरी शरीर में जहर फैल जाता है। ऐसी दशा में मरीज की किडनी, हर्ट सहित अन्य फंक्शन खराबी की तरफ जाने लगते हैं। यह पूरी बात उन लोगों से बता दी गयी थी। फिर भी उन लोगों का आरोप लगाना निराधार है। पैसे का जो आरोप लगा रहे हैं जितना पैसा लिया गया होगा तो उनके पास उसकी रसीद होगी। अस्पताल में यदि पांच रूपये का भी सामान लिया जाता है तो उसकी भी रसीद दी जाती है। अमूमन ऐसा होता है कि जब पेट में बच्चा मर जाता है तो आपरेशन नहीं होता, नार्मल डिलेवरी करायी जाती है। नार्मल डिलेवरी का दस हजार के आसपास लिया जाता है। उक्त मरीज के साथ यही हुआ था। मरी हुई बच्ची तो पैदा करा ली गयी लेकिन जब प्रसूता की हालत खराब हुई तो उसके परिजनों को यह कह दिया गया था कि आप डिलेवरी के लिए आये थे तो डिलेवरी करा दी गयी। मरीज की हालत खराब है कहीं हायर सेंटर ले जाइए। फिर भी उन लोगों ने इस सलाह को नहीं माना। जब दोनों की मौत हो गयी तो उन लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया।

और नया पुराने