आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आजमगढ़ 25 जनवरी 2021 -- जिलाधिकारी राजेश कुमार एवं पुलिस अधीक्षक सुधीर सिंह की अध्यक्षता में नेहरूहाल के सभागार में आयोजित उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण समुदाय आधारित आपदा प्रबन्धन प्रशिक्षण परियोजना के अन्तर्गत जिला स्तरीय प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि आपदा प्रबन्धन तीन चरणांे मंे कार्य करता है। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण, राज्य स्तर पर राज्य आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण एवं जिला स्तर पर जिला आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण बनाया गया है। जो आपदा प्रबन्धन नीति 2005 के आधार पर कार्य करती है। उन्होने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रधानमंत्री, राज्य स्तर पर राज्य आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री एवं जिला स्तर पर जिला आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण के अध्यक्ष जिलाधिकारी होते है। उन्होने कहा कि आपदा अचानक आती है, उसका कैसे प्रबन्धन किया जाय, इसके लिए पहले से ही आपदा प्रबन्धन की तैयारी कर लेना चाहिए।
जिलाधिकारी ने जिला स्तरीय प्रशिक्षकों से कहा कि आपदा प्रबन्धन का प्रशिक्षण पूर मनोयोग के साथ सिखे एवं जब भी आपदा आये तो उसका मुकाबला डट कर करे। आपदा के समय पीड़ित लाभार्थियांे को सहायत उपलब्ध कराये।
पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस के दृष्टिकोण से आपदा प्रबन्धन महत्वपूर्ण है। आपदा प्रबन्धन में पुलिस की महत्वपूर्ण भुमिका होती है।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गुरू प्रसाद, पुलिस अधीक्षक सुधीर जायसवाल, टाइम्स आॅफ इण्डिया के प्रोजक्ट हेड दिवाकर सहित जिला स्तरीय प्रशिक्षक उपस्थित रहे।