आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आज़मगढ़: श्री रामानंद सरस्वती पुस्तकालय विगत कई वर्षों से महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिये कार्यरत है | इस क्रम क्षेत्र में 3000 से अधिक घरेलू हिंसा पीड़ित महिलाओं की सहायता कर उन्हें हिंसा मुक्त जीवन मुहैया कराया गया है।ऐसी ही संघर्षशील महिलाओं के सम्मेलन पुस्तकालय सभागार में किया गया।
इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी बी एल यादव ने मिशन शक्ति, कन्या सुमंगला, विधवा पेंशन योजना आदि की व्रिस्तृत जानकारी दी |
समारोह में बोलते हुये यूनियन बैंक के उप महा प्रबंधक मनोज कुमार शर्मा ने महिलाओं को बैंक की योजनाओं से जुड़कर स्वावलम्बी बनने का आह्वाहन किया।
इस अवसर पर नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक शशी भूषण ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा किये गये कार्यों की सराहना की | उन्होंने नाबार्ड की कृषक उत्पादक संगठन योजना की विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि डीआईजी सुभाष चंद दुबे ने कहा कि- मिशन शक्ति कार्यक्रम उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महिला स्वावलंबन महिला सशक्तिकरण महिला सुरक्षा की संकल्पना को लेकर शारदी नवरात्रि से लेकर आज तक चलाया जा रहा है जिसमें महिलाओं को इस बात के लिए जागरूक भी किया जा रहा है बालिकाए अपने कर्तव्यों के प्रति अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो। उन्होंने कार्यक्रम की निर्देशिका हिना देसाई को धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से महिलाओं को सशक्त और स्वावलंबन बनने की प्रेरणा भी मिलती है।
डीआईजी ने शेल्टर होम की कमी को लेकर कहा कि हम लोगों का प्रयास है जनपद में शेल्टर होम स्थापित हो ताकि लोगों को सुविधा मिल सके और उसका लाभ उन्हें प्राप्त होता रहे।
संस्था की निदेशिका हिना देसाई आए हुए अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए जनपद में महिलाओं और बच्चो के लिये आश्रय स्थान की आवश्यकता की ओर डीआईजी का ध्यान आकृष्ट किया।
उन्होंने पॉस्को एक्ट के दिशा निर्देशों का पुलिस द्वारा अनुपालन सुनिश्चित कराने की अपील करते हुये महिला थाना और महिला डेस्क पर नियुक्त पुलिस कर्मियों का संवेदीकरण कराने की गुजारिश भी की। उन्होंने कहा कि आज जब जनपद में बड़ी संख्या में महिलायें विभिन्न स्तरों पर नौकरी कर रही हैं तब उनको सुरक्षित माहौल मुहैया हो, इस हेतु कार्य स्थल पर यौन अपराध अधिनियम 2013 का सुचारु रूप से क्रियान्वयन हो तथा आतंरिक शिकायत समिति का गठन सुनिश्चित किया जाय।
इस दौरान हीना देसाई ने महिलाओं को सैनेटरी नैपकिन का भी वितरण किया। कार्यक्रम में सोहरभार, बनकटिया, कांखभार आदि गावों की महिलाओं ने प्रतिभाग किया।
वही भारतीय लोक नृत्य प्रशिक्षण समापन कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया जिसमें विलुप्त हो रही जगिया कला नृत्य को भी दिखाने का प्रयास किया गया।