आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आज़मगढ़। राष्ट्रीय सेवा योजना का एक दिवसीय शिविर 11/02/2021 को संपन्न हुआ। श्री गांधी पी०जी० कॉलेज मलटारी परिसर में यह तीसरा एक दिवसीय शिविर था। प्रातः 9:00 बजे अधिकांश स्वयंसेवक एवं सेविकाएं महाविद्यालय परिसर में आ गए। प्रातः काल का मौसम कोहरा व धुंध से छाया हुआ था किन्तु बढ़ते हुए समय के साथ दिन में मौसम ठीक हो गया।
महाविद्यालय परिसर में महाविद्यालय के संस्थापक प्रबंधक स्वर्गीय मथुरा राय की मूर्ति के पश्चिम तरफ साफ सफाई का कार्यक्रम किया गया। फावड़े से सफाई का काम करने वालों में छात्र --- अश्वनी वर्मा ,कृपासिंधु ,सत्येंद्र राय, अंकित प्रजापति ,आदित्य गुप्ता, शिवम कुमार मौर्य, बृजेश यादव, अविनाश यादव , कृष्णा गोण्ड, समीर विश्वकर्मा, सुनील गौड़ और बलवंत पाल प्रमुख थे। छात्राओं ने झाड़ू लगाकर श्रमदान किया। इनमें प्रमुख रूप से अंतिमा मौर्य, अंजलि, रानी, रिंकी यादव ,वंदना यादव ,आरती ,अंजू कुमारी, अंकिता विश्वकर्मा ,प्रीति, आदि थीं।
महाविद्यालय परिसर में महाविद्यालय के संस्थापक प्रबंधक स्वर्गीय मथुरा राय की मूर्ति के पश्चिम तरफ साफ सफाई का कार्यक्रम किया गया। फावड़े से सफाई का काम करने वालों में छात्र --- अश्वनी वर्मा ,कृपासिंधु ,सत्येंद्र राय, अंकित प्रजापति ,आदित्य गुप्ता, शिवम कुमार मौर्य, बृजेश यादव, अविनाश यादव , कृष्णा गोण्ड, समीर विश्वकर्मा, सुनील गौड़ और बलवंत पाल प्रमुख थे। छात्राओं ने झाड़ू लगाकर श्रमदान किया। इनमें प्रमुख रूप से अंतिमा मौर्य, अंजलि, रानी, रिंकी यादव ,वंदना यादव ,आरती ,अंजू कुमारी, अंकिता विश्वकर्मा ,प्रीति, आदि थीं।
छात्राओं की ओर से दहेज प्रथा पर नाटक प्रस्तुत हुआ। लड़की के बड़े होने पर मां को अपने लड़की की शादी की चिंता होती है । अपने पति से शादी की चर्चा करती है, पति महोदय एक पंडित जी से बात करते हैं और शादी तय हो जाती है । लड़के वाले अधिक दहेज की डिमांड करते हैं, लड़की वाले अपने सामर्थ्य अनुसार दहेज देने की बात करते हैं किंतु मांग के अनुसार दहेज की भरपाई नहीं हो पाती है परिणाम स्वरूप जयमाल के बाद ही शादी कैंसिल होने की स्थिति में आ जाती है तब लड़का मुखर होकर कहता है कि मुझे लड़की के सिवाय एक रुपए भी दहेज नहीं चाहिए और शादी संपन्न होती है। इस प्रकार छात्राओं ने दहेज प्रथा पर नाटक प्रस्तुत करके बिना दहेज के शादी संपन्न कराई इससे समाज को सीख लेनी चाहिए।
राष्ट्रीय सेवा योजना के अधिकारी नीतेश जयसवाल ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि--" स्वयंसेवक एवं सेविकाओं को सामुदायिक सेवा के माध्यम से व्यक्तित्व विकास के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना महत्वपूर्ण माध्यम है ।"
राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डॉ शैलेश पाठक ने छात्र-छात्राओं के श्रमदान से बड़े प्रसन्न थे और उन्होंने कहा कि " जब बच्चे श्रमदान करते हैं तो साफ सफाई सामने दिखाई देती है किंतु इससे बच्चों का शर्मदान होता है और उनके अंदर एक नया रचनात्मक विकास होता है। ऐसे ही बच्चे आगे चलकर बड़े-बड़े सेवा के कार्य करते हैं ।"
कार्यक्रम में बच्चों को नाश्ता का वितरण हुआ और 3:00 बजे बच्चे अपने अपने घर को गए कार्यक्रम में स्वयंसेवक एवं सेविकाओं के साथ ही जनार्दन राय ,बृजेश शर्मा और चंद्रशेखर यादव उपस्थित रहें।




