आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आजमगढ़ 22 मार्च-- जल शक्ति अभियान के अन्तर्गत विश्व जल दिवस के अवसर पर ‘‘कैच द रेन-where it falls, where it falls” की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री जी द्वारा गुजरात, राजस्थान, उत्तराखण्ड के सरपंचों के साथ बातचीत की गयी। प्रधानमंत्री ने कहा कि गांव के जो सरपंच जल शक्ति अभियान से जुड़े हैं, वे लोग एक साथ मिलकर एक साधान कर रहे हैं, मुझे भी उनसे प्रेरणा मिल रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी की भारत के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना एक महत्वपूर्ण पहलु है। पानी जीवन के हर पहलु के लिए आवश्यक है। जल शक्ति के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ रही है। पूरी दुनिया जल के महत्व को समझ रही है, इसीलिए आज विश्व जल दिवस मनाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पानी 21वीं सदी के लिए एक ताकत है, इस बचाकर रखना है तथ हमें यह प्रयास करना है कि जो हमारे पूर्वजों ने पानी की उपलब्ध प्रदान किया था, वही प्रचूर मात्रा में हमे अपने आने वाली पीढ़ियों के लिए बचा कर रखना है। जल बचाने में जन सहभागिता भी आवश्यक है। इसके लिए भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, हर घर नल योजना, नमामि गंगे योजना, जल जीवन मिशन जैसी योजनाएं चलायी जा रही है। भारत वर्षा जल का जितना बेहतर प्रबंधन करेगा उतना ही ग्राउण्ड वाटर पर देश की निर्भरता कम होगी, इसलिए ‘कैच द रेन’ जैसे अभियान चलाए जाने और सफल होने बहुत जरूरी हैं।
इस अवसर पर एनआईसी आजमगढ़ में जिलाधिकारी राजेश कुमार व मुख्य विकास अधिकारी आनन्द कुमार शुक्ला उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने बताया कि सभी ब्लाकों, तहसीलों एवं ग्रामों में वीडियो लिंक के माध्यम से इस कार्यक्रम को देखा गया।
