आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आजमगढ़ 23 अप्रैल-- जिला मजिस्ट्रेट राजेश कुमार ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था के अन्तर्गत संक्रमित होने वाले प्रकरणों की सूचना इंटीग्रेटेड कोविड कमाण्ड सेंटर में प्राप्त होती है, जहाँ से चिकित्सकों के द्वारा मरीजों से बातचीत करने के उपरान्त यह सुनिश्चित किया जाता है कि किन मरीजों को कोविड अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता है तथा किन्हें होम आइसोलेशन में रखा जा सकता है। उन्होने बताया कि संक्रमण के सक्रिय केसेस की संख्या बढ़ जाने के कारण यह व्यवस्था बहुत प्रभावशाली तरीके से लागू नहीं हो पा रही है, जिसके कारण मरीजों द्वारा कठिनाई का अनुभव किया गया है। उक्त के दृष्टिगत कोविड मरीजों हेतु तात्कालिक प्रभाव से दिनॉक 30 जून 2021 तक भर्ती प्रकिया में सम्यक विचारोपरान्त संशोधन किए जाने का निर्णय लिया गया है।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि निजी कोविड अस्पतालों में कोविड संक्रमित मरीज अपनी पाजिटिव रिपोर्ट के आधार पर स्वयं भर्ती करवा सकेंगे। यह अस्पताल मात्र 10 प्रतिशत (श्रेणीवार) बेड्स आरक्षित रखेंगे, जिन पर इंटीग्रेटेड कोविड कमाण्ड सेंटर के माध्यम से भर्ती करवाया जा सकेगा। निजी अस्पतालों के द्वारा भर्ती करने के पश्चात इसकी सूचना तत्काल उत्तर प्रदेश सरकार के पोर्टल पर अंकित की जाएगी। निजी अस्पतालों के द्वारा प्रतिदिन प्रातः 8.00 बजे एवं अपरान्ह 4.00 बजे रिक्त बेड की संख्या श्रेणीवार (आइसोलेशन बेड, आक्सीजन बेड, आईसीयू/एचडीयू) अस्पताल के बाहर जनसामान्य के लिए विज्ञापित किया जाएगा तथा इंटीग्रेटेड कमाण्ड सेंटर के पोर्टल पर भी अवगत कराया जाएगा। निजी अस्पतालों के द्वारा कोविड प्रोटोकाल का पालन सुनिश्चित किया जाएगा तथा सरकार के द्वारा निर्धारित दरों पर ही लोगों से फीस वसूल की जाएगी। इसका उल्लघंन उ0प्र0 महामारी अधिनियम के सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दण्डनीय होगा। जिला प्रशासन के द्वारा सभी कोविड अस्पतालों की सूची, उनके उपलब्ध बेड की संख्या (श्रेणीवार), अस्पताल का पता एवं नोडल अधिकारी का विवरण एवं निजी कोविड अस्पतालों के लिए निर्धारित की गयी दरें समाचार पत्रों में विज्ञापित करवायी जाएंगी तथा यह सूचना जनपद की बेवसाइट पर भी उपलब्ध कराई जाएगी। निजी अस्पतालों में जाने वाले मरीज अपनी व्यवस्था से अस्पताल जाने के लिए स्वतंत्र होंगे किन्तु यदि किसी मरीज के द्वारा इंटीग्रेटेड कोविड कमाण्ड सेंटर से एम्बुलेंस की मॉग की जाती है तो संबंधित निजी अस्पताल के भर्ती करने के पत्र के आधार पर एम्बुलेंस तत्काल उपलब्ध करवाया जाएगा। इस हेतु एक डेडीकेटेड व्हाट्सअप नम्बर भी रखा जाएगा, जिस पर कोविड संक्रमित व्यक्ति एम्बुलेंस हेतु अनुरोध तथा संबंधित निजी अस्पताल में भर्ती का पत्र प्रेषित कर सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के द्वारा नियमित रूप से इन निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया जाएगा एवं यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इनके द्वारा कोविड प्रोटोकाल का पालन किया जा रहा है, मरीजों का समुचित उपचार किया जा रहा है तथा निर्धारित दर पर ही फीस ली जा रही है।
उन्होने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सालयों, राजकीय मेडिकल कालेजों तथा निजी मेडिकल कालेजों में कोविड मरीजों के भर्ती की प्रक्रिया इंटीग्रेटेड कोविड कमाण्ड सेंटर के माध्यम से की जाएगी। 70 प्रतिशत बेड्स कोविड कमांड सेंटर के माध्यम से आवंटित किए जाएँगें, शेष 30 प्रतिशत बेड्स का आवंटन इन अस्पतालों के द्वारा आकस्मिकता की स्थिति से निपटने के लिए स्वयं किया जा सकेगा। इन अस्पतालों को भी प्रतिदिन प्रात रू 8.00 बजे एवं अपरान्ह 4.00 बजे रिक्त बेडों की संख्या श्रेणीवार अस्पताल के बाहर विज्ञापित करनी होगी तथा इंटीग्रेटेड कोविड कमाण्ड सेंटर के पोर्टल पर भी उपलब्ध कराना होगा। इंटीग्रेटेड कोविड कमाण्ड सेंटर के माध्यम से जिला प्रशासन के द्वारा जारी किए गए एडमिशन स्लिप को संबंधित अस्पताल के लिए मानना बाध्यकारी होगा। इसका उल्लघंन उ0प्र0 महामारी अधिनियम के सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दण्डनीय होगा। इंटीग्रेटेड कोविड कमाण्ड सेंटर से सभी मरीजों को पूर्ववत् टेलीफोन कॉल किया जाएगा तथा उनके स्वास्थ्य का मूल्यांकन भी किया जाएगा। होम आइसोलेशन के योग्य मरीजों को घर पर रहकर स्वास्थ्य लाभ करने की सलाह दी जाएगी। जिन मरीजों की स्थिति अस्पताल में भर्ती होने के योग्य होगी, उन्हें यह अवगत करा दिया जाएगा कि यदि वे निजी कोविड अस्पताल में भर्ती होना चाहते हैं तो इसके लिए कमाण्ड सेंटर के किसी संदर्भ की आवश्यकता नहीं है एवं वह स्वयं इन अस्पतालों में सम्पर्क कर अपना एडमीशन करवा सकते हैं। जिन मरीजों के द्वारा निःशुल्क चिकित्सा का अनुरोध किया जाएगा, उनकी अस्पताल में भर्ती की कार्यवाही कमाण्ड सेंटर के माध्यम से की जाएगी। भर्ती करने के लिए कमांड सेंटर के चिकित्सकों के द्वारा Vital Parameters की जानकारी कर मरीजों की सेवरिटी के आधार पर एल-1,एल-2 व एल-3 स्तर का विनिश्चय किया जाएगा एवं तद्नुसार उपयुक्त अस्पताल का आवंटन किया जाएगा।ऐसे मरीज कमाण्ड सेंटर को दूरभाष के द्वारा सम्पर्क कर के भी अस्पताल के लिए अनुरोध कर सकेंगे, जिस हेतु निर्धारित फोन नम्बरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करवाया जाएगा। आवश्यकतानुसार जिला प्रशासन के द्वारा कुछ स्थानों पर इसके लिए काउन्टर भी बनाया जा सकता है, जहाँ लोग निःशुल्क अस्पताल के लिए अपना अनुरोध पत्र दे सकें। जिन मरीजों की भर्ती कोविड कमाण्ड सेंटर के माध्यम से करवाया जाएगा, उन्हें अनिवार्य रूप से एम्बुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध करवायी जाएगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग/चिकित्सा शिक्षा विभाग/जिला प्रशासन के अधिकारियों के द्वारा समय-समय पर इन अस्पतालों का निरीक्षण कर कोविड प्रोटोकाल के पालन को सुनिश्चित कराया जाएगा। राजकीय अस्पतालों तथा सरकारी व निजी मेडिकल कालेजों के लिए जिला प्रशासन के द्वारा नोडल अधिकारियों की तैनाती भी की जाएगी।