कवरेज डेस्क।
वीर सिंह
लेख: चुनाव नहीं आता तो शायद गरीबों की सुध नहीं ली जाती, चुनाव आ गया तो अब हर प्रत्याशी लोगों के घरों तक पहुंच कर उनका पैर छू लेंगे और आशीर्वाद लेंगे इस बात का कि वोट हमें दीजिएगा और यदि सत्ता मिल गए तो पूरे 5 साल गांव का विकास कर गांव को स्वर्ग बना देंगे और यही बात हर प्रत्याशी कहते नजर आ रहे हैं, विकास की गंगा मुंह से बहा दी जा रही है लेकिन आम जनता इस बात को ध्यान दें कि- कौन प्रत्याशी कैसा है और किसको वोट देना चाहिए? कुछ तो प्रत्याशी ऐसे भी इस चुनाव में उतरेंगे जो दारु मुर्गा और पैसों के दम पर वोट लेने का प्रयास भी करेंगे, लेकिन उनके लिए सरकार ने व्यवस्थाएं भी कर रखी है मुकदमे और वर्षों का कारावास। लेकिन एक बात यह सोचने वाली जरूर होगी कि- जो भी प्रत्याशी आपको नोट के दम पर मुर्गे के दम पर पार्टी के दम पर और किसी प्रकार का प्रलोभन देकर आपके वोटों को लेने का प्रयास कर रहा हो क्या वह गांव का विकास करेगा? या फिर अपना विकास करेगा जो कोई भी प्रत्याशी किसी वोटर को पैसा दे रहा हो तो मतलब साफ है, वह प्रत्याशी उस वोटर के जमीर को खरीदने का प्रयास कर रहा है और समझदारी इतनी तो होनी चाहिए जो भी पैसों के दम पर वोट ले रहा है निश्चित रूप से आने वाले समय में वह विकास नहीं बल्कि विनाश की ओर अग्रसर पूरे गांव को कर देगा और गांव में विकास का आया हुआ धन उसकी जेब में चला जाएगा इसलिए यदि आपके भी आसपास आपके घरों में कोई प्रत्याशी आपको पैसे देकर किसी प्रकार का प्रलोभन दे रहा हो तो सावधान हो जाइए क्योंकि वह सीधे सीधे आपके जमीर को खरीदने का प्रयास कर रहा ऐसे लोगों को करारा जवाब दीजिए और निष्पक्षता के साथ एक सही और बेहतर प्रत्याशी का चुनाव कीजिए। ताकि आपके गांव का सर्वांगीण विकास हो और गांव में विकास की गंगा बहे।