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आयुष्मान भारत योजना कमजोर वर्ग के लोगों के लिए बनी वरदान, जिले के चिन्हित अस्पताल कर रहे मुफ्त इलाज।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: शैलेंद्र शर्मा

आजमगढ़ – 03 अप्रैल  2021- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के दायरे में आने वाले परिवार देश के किसी भी सरकारी अस्पताल या सम्बद्ध  प्राइवेट अस्पताल में हर साल पाँच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं | इस योजना में गंभीर बीमारियों का भी इलाज शामिल है | इस तरह से यह एक आजीवन नि:शुल्क स्वास्थ्य बीमा योजना है | प्रति वर्ष पाँच लाख रुपये में परिवार के सभी सदस्य का इलाज होता है। कोरोना काल में आर्थिक रूप  से कमजोर,  पटरी पर रोज दुकान लगाने वाले व असहाय लोगों के लिए यह योजना एक वरदान साबित हुई  है |
मतौली, सदर निवासी लाभार्थी संगीता साहनी (29) ने बताया कि मैं अपने पति के साथ गुजरात में रहती थी |  पति फर्नीचर का काम करते थे | लॉकडाउन में काम बंद हो जाने के कारण हमारी आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई थी जिस वजह से घर वापस आना पड़ा और फिर वापस नहीं गई , उसी दौरान  पेट में दर्द होता रहता था, लेकिन पैसे की कमी के कारण  किसी को नहीं बतायी|  एक दिन पेट क़े नीचे भाग में असहनीय दर्द व बच्चेदानी क़े रास्ते रक्त स्राव होने लगा, मेरे घर वाले हमें तुरंत रमा मल्टीस्पेशियालिटी हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर लेकर गए |जहां डॉक्टर ने हमारी स्थिति को देखते ही मेरा जांच कर अस्पताल में भर्ती करने के बाद मेरा ऑपरेशन किया गया | आयुष्मान भारत योजना का कार्ड मेरे पास था जिस कारण मेरी जांच व ऑपरेशन में मेरा एक भी पैसा नहीं लगा | 11 दिनों तक  अस्पताल में भर्ती रही , अब  बिलकुल ठीक हूँ | इस योजना ने हमे दोवारा जीने का मौका दिया, अगर यह योजना न होती तो शायद मैं अपना इलाज नही करा पाती |
डॉ शकुंतला यादव ने बताया कि जब संगीता आई थी उसकी स्थिति ठीक नहीं थी | परीक्षण में एक बड़ी गाँठ महसूस हुई तथा बच्चेदानी की साइज भी बहुत बड़ी महसूस हुई| अल्ट्रासोनोग्राफी में 17.6-9.7सेंटीमीटर की बच्चेदानी तथा 7.8-8.2 सेंटीमीटर की गांठ, बच्चेदानी क़े पिछले भाग में पायी गयी | मरीज जो कि अधिक रक्त स्राव और दर्द से काफी परेशान थी , जिसका आपरेशन किया गया और मरीज को कोई परेशानी नहीं हुई | 
धरनीपुर विषया निवासी लाभार्थी रामनेवर यादव (75) ने बताया कि मेरी आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है, एक साल पूर्व मेरे बेटे का देहांत हो गया था | घर चलाने वाला वही एक था | मेरे पेट मे हमेशा दर्द रहता था जिसकी वजह से मेरी तबीयत और खराब हो गई थी | मेरे पास आयुष्मान कार्ड था मैं अकेले ही रमा मल्टीस्पेशियालिटी हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर गया | जहां डॉक्टर ने मेरी जांच कर भर्ती कर दूसरे दिन मेरा ऑपरेशन किए | इस योजना से इतने बड़े हॉस्पिटल मे मेरा मुफ्त ऑपरेशन किया गया | गरीब लोगों के लिए यह एक बहुत अच्छी योजना है |
डॉ अमित सिंह ने बताया कि रामनेवर जब यहाँ आए थे तो उनके पेट में तेज दर्द हो रहा था, जांच मे पता चला कि पित्त की थैली में गाँठ महसूस हुई | सोनोग्राफी करने पर पित्त की थैली मे पथरी का पता चला|गाँठ और इन्फेक्शन की वजह से चीरे द्वारा ऑपरेशन किया गया | ऑपरेशन की बाद मरीज को कोई दिक्कत नहीं हुई | दो दिन बाद मरीज के परीक्षण के उपरांत उसे छुट्टी दे दी गयी | 
आयुष्मान भारत योजना के जिला सूचना अधिकारी अजय प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में 25 सरकारी चिकित्सालय के साथ ही  17 प्राइवेट हॉस्पिटल आयुष्मान भारत योजना से जोड़े  गए है,जिसके तहत अब तक  एक लाख 41 हजार 749 परिवारों में से आज तक 158570 लोगों (परिवार के सदस्यों) का गोल्डेन कार्ड बना है,साथ ही  5730 गोल्डेन कार्ड लाभार्थियों को इलाज मिला । 
 जिनके पास आयुष्मान गोल्डेन कार्ड हैं उनकी मेडिकल जांच/ऑपरेशन/इलाज/दवा आदि का खर्चा योजना के तहत होता है। अगर कोई कार्ड बनने से पहले से बीमार है तो उसका भी इलाज इस योजना के तहत होगा। योजना के तहत इलाज जैसे - मैटरनल हेल्थ और डिलिवरी सुविधा, नवजात और बच्चों का इलाज, कैंसर, टीवी, कीमोथेरपी, रेडिएशन थेरपी, हार्ट बाईपास सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, दांतों की सर्जरी, आंखों की सर्जरी, एमआरआई, सीटी स्कैन, दिल की बीमारी, किडनी, लिवर, डायबीटीज, कोरोनरी बायपास, घुटना बदलना,  आंख, नाक, कान और गले से संबंधित बीमारी आदि शामिल हैं। अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद के खर्च भी इसमें कवर किए जा रहे हैं।

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