आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
इमलिया चौकी इंचार्ज की बाइक को आक्रोशित भीड़ ने फूंका।
पंचायत चुनाव में इसका लाभ लेने के प्रयास में महिलाओं को उकसा कर कराया गया रोड जाम, चिन्हित कर होगी कार्यवाही:- एसपी
आजमगढ़: जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के छपरा सुलतानपुर गांव निवासी एक युवक की भोपाल में लाश मिली। रविवार को लाश गांव पहुंचने वाली थी। इसके पहले ही परिजन और ग्रामीणों ने एक स्कूल प्रबंधक पर साजिश के तहत हत्या का आरोप लगाते हुए चक्काजाम कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने माहौल देख शव वहां पर पहुंचने नहीं दिया। जिस पर ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। इस पर पुलिस ने लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। जिस पर ग्रामीणों ने भी पुलिस पर पथराव कर दिया और लाठी-डंडा लेकर पुलिस को दौड़ा लिया।
पुलिसकर्मियों ने भाग कर किसी तरह जान बचाई। इस दौरान ग्रामीणों ने एक चौकी प्रभारी की बाइक को जहां आग के हवाले कर दिया तो वहीं कोतवाल की गाड़ी का शीशा भी टूट गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने पत्रकारों को भी नहीं बख्शा और उनके गाड़ियों को भी क्षति ग्रस्त कर दिया। चोट लगने से दोनों तरफ के करीब एक दर्जन लोग के घायल होने की सूचना है। घटना को लेकर तनाव है। आलाधिकारी पुलिस और पीएसी बल के साथ माहौल को शांत कराते हुए आरोपियों की तलाश में जुट गए।
जीयनपुर कोतवाली के छपरा सुल्तानपुर गांव निवासी धर्मपाल गोंड़ (22) पुत्र रामपाल गांव के ही प्राइवेट स्कूल में पढ़ाता था। धर्मपाल के घर वालों का आरोप है कि छह अप्रैल को स्कूल का प्रबंधक धर्मपाल को अपने घर बुलाया, तभी से वह लापता था। आठ अप्रैल को भोपाल शहर के दरोगा आनंद सिंह परिहार ने फोन कर जानकारी दी कि धर्मपाल की संदिग्ध परिस्थितियों में होटल में मौत हो गई है। मौत की सूचना के बाद परिवार सदमे में आ गया।
परिवार के लोग भोपाल पहुंचे और रविवार को दिन में करीब 11 बजे धर्मपाल की लाश लेकर गांव पहुंचे। जहां छपरा सुल्तानपुर गांव के मुख्य मार्ग पर ही पहले से चक्का जामकर लोग कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
परिवार के लोग भोपाल पहुंचे और रविवार को दिन में करीब 11 बजे धर्मपाल की लाश लेकर गांव पहुंचे। जहां छपरा सुल्तानपुर गांव के मुख्य मार्ग पर ही पहले से चक्का जामकर लोग कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
जाम की सूचना के बाद कोतवाल जीयनपुर हिमेंद्र सिंह पहुंचे, और ग्रामीणों को समझाने बुझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण इतने आक्रोशित से कि वह किसी की बात सुनने को तैयार ही नहीं थे और पुलिस पर आरोप लगा रहे थे कि कुछ रोज पहले गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने को लेकर पुलिस इस मामले में हीला हवाली कर रही थी थोड़ी देर के बाद जब एंबुलेंस गांव के करीब पहुंची तो पुलिस ने एंबुलेंस को रुकवा कर जीयनपुर कोतवाली के लिए भिजवा दिया। पुलिस के इस व्यवहार से लोग नाराज हो गए। लोग अभी अगला कदम उठाते कि पुलिस दबाव बनाते हुए सड़क को खाली करवाने लगी। इस दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी और पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया। लाठी बरसने पर गांव के लोग भाग गए, लेकिन कुछ दूर जाते ही ग्रामीणों ने पलटवार करते हुए ईंट पत्थर से पुलिस पर हमला बोल दिया। ग्रामीणों का आक्रोश देख पुलिस को पीछे हटना पड़ा और पुलिस ने किसी तरह भागकर जान बचाई आक्रोशित भीड़ ने इमलिया चौकी इंचार्ज की पल्सर बाइक फूंक दी,जबकि कोतवाल की जीप सहित अन्य वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। साथ ही पत्रकारों को भी निशाना बनाया गया और उनके वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। दोनों तरफ से लगभग एक दर्जन लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर आला अधिकारी पुलिस और पीएसी बल के साथ माहौल को शांत कराते हुए आरोपियों की तलाश में जुट गए।
वही पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि- कुछ लोग द्वारा पंचायत चुनाव में इसका लाभ लेने के लिए गांव की महिलाओं को उकसा कर आगे करके रोड को जाम करवाने का प्रयास किया गया। पुलिस द्वारा उन्हें समझाने का प्रयास किया गया, जिसपर पुलिस पार्टी पर पथराव किया गया। जिसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए मौके से भीड़ को खदेड़ दिया गया, इस सम्बंध में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है, अन्य की तलाश जारी है और कार्यवाही की जा रही है।