आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
जांच तक नहीं होगी दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई।
दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ होगी कार्रवाई।
एडीएम प्रशासन ने दिया आश्वासन।
परिजनों ने उठाई सीबीआई जांच की मांग।
आजमगढ़: रौनापार थाना क्षेत्र के पलिया गांव में 2 जुलाई से चल रहा धरना मंगलवार को भी जारी रहा। मंगलवार को दिन में 12:00 बजे के लगभग अपर जिलाधिकारी नरेंद्र प्रताप सिंह और एसपी ग्रामीण सिद्धार्थ, उपजिलाधिकारी सगड़ी गौरव कुमार मौके पर पहुंचे और परिजनों से उनकी समस्याओं को सुना और जाना। क्षतिग्रस्त किए गए मकान और सामानों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने इस कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पीड़ित परिवारों को आश्वासन दिया कि अब किसी के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही नहीं की जाएगी, साथ ही मजिस्ट्रेट जांच करके दोषियों को दंडित किया जाएगा ।इस घटना में जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को धरने का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष विश्व विजय सिंह ने पलिया गांव के लोगों पर किए गए जुर्म पर आक्रोश व्यक्त करते हुए अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की। अन्यथा की स्थिति में चेतावनी दिया कि कांग्रेसी इस आंदोलन को प्रदेश स्तर पर खड़ा करेगी और शोषित दलित समाज पर हुए जुल्म को बर्दाश्त नहीं करेगी। कांग्रेस पार्टी के नेताओं और पीड़ित परिवार के लोगों ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन को 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। जिसमें मामले की न्यायिक जांच, उत्पीड़न में शामिल पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई, घर में लूटे गए सामानों की क्षतिपूर्ति, घटना में लिप्त लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई। अपर जिलाधिकारी ने मांग पत्र लेकर न्याय संगत कार्रवाई का आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद लोगों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की ।कांग्रेश पार्टी के नेता भी चले गए। अधिकारियों और नेताओं की जाते ही भीम आर्मी के कुछ लोग पुन: धरने पर बैठ गए। जिससे यह मामला फिर ज्यों का त्यों लटकता नजर आ रहा है।