आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आजमगढ़ - नगर पंचायत जीयनपुर के समाजसेवी नेहाल मेहदी ने नगर एवं क्षेत्र वासियों को अमन और भाईचारे के साथ ईद-उल-अजहा का त्योहार मनाने की अपील की है. कुर्बानी में अगर स्थानीय लोगों या पड़ोसियों को आपत्ति हो तो आसपास के ऐसे इलाकों में जहां कुर्बानी हो रही हो वहां जाकर कुर्बानी की रस्म अदा की जा सकती है।
नेहाल मेहदी ने कहा की ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का पर्व 21 जुलाई को मनाने के क्रम में कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाए, बकरीद की नमाज के फ़ौरन बाद कुर्बानी की रस्म अदा कर दी जाए और इस बात का खास ख्याल रखा जाए की प्रतिबंधित जानवरों का इस्तेमाल कुर्बानी में न करें. किसी भी किस्म के विवाद से बचने के लिए इसी सद्भाव पर अमल किया जाना चाहिए. प्रशासन को इत्तिला देना बराबर संपर्क में और सामाजिक विश्वास में रहना उचित रहेगा ।कोविड संक्रमण के मद्देनजर कुर्बानी के फ़ौरन बाद खून और अन्य अवशेष को नगर पंचायत द्वारा खोदो गए गड्ढे में डाला जाए ताकी किसी प्रकार की गंदगी ना हो । नमाज़ के लिए मस्जिद में सेनेटाइज और मास्क का इस्तेमाल किया जाए। सुरक्षा का पहले ख्याल रखना जरूरी है. क्योंकि थोड़ी सी भी असावधानी लोगों को मुश्किल में डाल सकती है।