आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
विभाग, परिवार और गाँव वाले हुये खुश, मेहनत को सराहा
आजमगढ़- 15 सितंबर 2021: ब्लॉक अतरौलिया समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात आशा संगिनी कंचन पांडेय को मिशन शक्ति सम्मान से नवाजा गया है। कोविड-19 की पहली और दूसरी लहर में अपने क्षेत्र के लोगों की संक्रमण से बचाने आशा संगिनी कंचन ने अतुलनीय प्रयास किया है।
छोटे से ब्लॉक से निकल कर शहर का सफर तय कर अपनी पहचान के साथ सम्मान पाने की खुशी कंचन पांडेय को ही नहीं बल्कि गाँव के सभी लोगों को है | यह कहना गलत नहीं है की “कोई भी काम बड़ा या छोटा नहीं होता मेहनत और लगन से किया गया काम, रंग जरूर लाता है। स्वास्थ्य विभाग की रीड़ की हड्डी कहीं जाने वाली आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ता कंचन पांडेय जिले में मिशन शक्ति अवार्ड से सम्मानित की गयी हैं।
ब्लॉक अतरौलिया समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आशा संगिनी कार्यकर्ता कंचन पांडेय ने कोविड-19 के पहले और दूसरी लहर में अपने क्षेत्र के लोगों की संक्रमण से बचाव के लिए हर संभव मदद करना व कोरोना के दौरान अपनी और अपने परिवार को प्राथमिकता न देते हुये,लोगों तक स्वास्थ्य सम्बंधी सुविधा उपलब्ध कराई है। इनके इन सेवाभाव और लगन को पंख मिला मिशन-शक्ति अवार्ड से | कंचन पांडे ने कहा की हमें नहीं पता था की मेरे दिन-रात की नि:स्वार्थ सेवा को पहचान मिलेगी।
कंचन पांडेय ने बताया की 2006 से 2012 तक आशा के रूप में कार्य शुरू की, अपने क्षेत्र के हर लाभार्थी तक अपनी पहचान और विश्वास बनायी। आशा संगिनी के कार्यकर्ता रुप में 2013 से अब तक ब्लॉक अतरौलिया समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कार्य कर रहीं हूँ । तीन क्षेत्र (लोहरा, भगतपुर, रतुवापार ) में, जिसकी आबादी लगभग 2476 है। जिसमें कुल 20 आशाओं पर कार्य करती हूँ। अब मेरा कार्य आशाओं का मार्गदर्शन करना, सलाह व मशविरा देना, लाभार्थियों की गणना करना है , आशा के सभी कार्यो में उनका सहयोग करती हूँ | कोरोना के प्रथम और दूसरे लहर से अब तक अपने क्षेत्र के लोगों को वैक्सीन लगवाने के साथ-साथ कोविड सैम्पलिंग कराई और जगह-जगह कोविड–हेल्प डेस्क में कार्य की हूँ | पहले लॉकडाउन से लेकर अब तक 53 गर्भवती महिलाओं को टीका लगवाया, 12 टीबी के मरीजों को दवा दिलवायी , साथ ही अब तक लगभग 4000 लोगों को कोविड टीका लगवाई, 60000 के लगभग सैंपल लिया गया। अपने जान की परवाह किये बगैर लोगों की और आशाओं की सहायता करती रही। कोविड के पहले और दूसरे लहर के लॉकडाउन के दौरान गाँव के वृद्धों एवं 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण, 10 वर्ष के बच्चों को और 16 वर्ष तक की लड़कियों का टीडी (टिटनेस डिप्थीरिया) टीकाकरण, आइरन की गोली देना, गर्भवती माताओं को (टीटी) के टीके लगवाना तथा आयरन की गोली घर जा कर देती थी। बाहर से आ रहे प्रवासियों को थर्मल स्क्रीनिंग कर उन्हें होम आइसोलेशन में रखना, उनको खाने-पीने के साथ ही दवा उपलब्ध कराई | ग्रामीण युवाओं को मास्क, सेनेटाइजर और कोविड टीकाकरण के लिए घर-घर जा कर जागरूक भी किया।
इसके अलावा खून जांच, पेट की जांच, ब्लड-प्रेशर जांच की सुविधा उपलब्ध करवाना ,घर पर नवजात शिशुओं की देखभाल करना, धात्री माताओं की देखभाल करना, किशोर-किशोरियों की बैठक करना, ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता समिति की बैठक करना, दूध पिलाने वाली माताओं की बैठक करना, पोलियो अभियान में कार्य करना, तथा ग्राम सर्वे का कार्य भी किया। हर कार्य को अपना कर्तव्य समझ कर करती रही, जिले में मिशन शक्ति अवार्ड मिलने से मेरे काम को पहचान मिली है | इस सम्मान से हमें काम के प्रति उत्साह और बल मिला है।
