आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
भारत के संविधान के अनुच्छेद- 21 का उल्लंघन करते हुए किसी व्यक्ति की अवैध हिरासत किये जाने के लिए उत्तरदायी अधिकारी के विरूद्ध दंडात्मक कार्यवाही एवं पीड़ित व्यक्ति को मुआवजे के भुगतान के संबंध में दिशा-निर्देश-
(1) भारत के संविधान के अनुच्छेद-21 का उल्लंघन करते हुए किसी व्यक्ति की अवैध हिरासत किए जाने के लिए अनुशासनिक प्राधिकारी द्वारा जांच में दोषी पाए जाने पर उत्तरदायी अधिकारी के विरूद्ध उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999, दि ऑल इंडिया सर्विसेज (डिसिप्लीन एंड अपील) रूल्स, 1969 एवं उत्तर प्रदेश अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों की (दण्ड और अपील) नियमावली, 1991 (यथा संशोधित) में संगत नियमों के अंतर्गत दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
(2) अनुशासनिक पदाधिकारी द्वारा अपनी जांच रिपोर्ट 03 माह में अथवा संगत नियमावली में यथा उल्लेखित समयानुसार प्रस्तुत की जाएगी।
(3) यदि किसी नागरिक की अवैध रूप से हिरासत प्रमाणित पायी जाती है तो पीड़ित व्यक्ति को 25,000 रुपये की धनराशि का भुगतान मआवजे के रूप में किया जाएगा