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मेडिकल कालेज व जिला अस्पताल में जन्मजात टेढ़े-मेढ़े पैर वाले बच्चों के मुफ्त इलाज की व्यवस्था।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

• जन्मजात टेढ़े-मेढ़े पैर वाले बच्चों के लिए आयोजित हुआ जागरूकता कैम्प।

• जन्म से दो वर्ष तक के बच्चों का होता है पूरी तरह  निःशुल्क इलाज।

• आरबीएसके के तहत 20 बच्चों को मिला मुफ्त चिकित्सीय लाभ।
 
आजमगढ़, 6 दिसम्बर 2021: जन्मजात मुड़े हुए पैरों की समस्या से ग्रसित बच्चों के मुफ्त उपचार की व्यवस्था मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल में है । इसी  क्रम में चार दिसम्बर को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में मिरेकल फीट इंडिया के सहयोग से जन्मजात टेढ़े-मेढ़े पैर वाले बच्चों  के लिये जन-जागरूकता कैंप का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आईएन तिवारी ने बताया कि क्लब-फुट बीमारी में बच्चों के पैर जन्मजात टेढ़े-मेढ़े हो जाते हैं। सही समय पर इसका इलाज न हो तो बच्चा जीवन भर के लिए दिव्यांग हो सकता  है। विशेषज्ञों की मानें तो चिकित्सा विज्ञान में इस बीमारी के सही कारण का पता अब तक नहीं चल सका है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अन्तर्गत जिला अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में ‘क्लब फुट क्लीनिक’ मिरेकल फीट इंडिया के सहयोग से इस प्रकार के बच्चों का सफलतापूर्वक इलाज किया जाता है ।  
मेडिकल कालेज के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ सौरभ राय ने बताया कि गर्भावस्था के समय अगर सही तरीके से अल्ट्रासाउंड किया जाये तो गर्भस्थ शिशु में ही इस लक्षण का पता चल जाता है |  गाँवों में बच्चे के पैदा होने के साथ ही इस बात का पता चल जाता है लेकिन उस समय उसके माता-पिता इस विकृति को स्वीकार नहीं कर पाते हैं, अगर जन्म के साथ ही इलाज शुरू कर दिया जाता है तो उसके लाभ समय से दिखने लगते हैं। 
आरबीएसके के नोडल अधिकारी डॉ वाईके राय  ने बताया कि जन्म के समय स्क्रीनिंग के दौरान पता चलने पर इसका इलाज जितनी जल्दी शुरू हो जाए, ठीक होने की संभावना उतनी ही ज्यादा होती है। मुख्यतः जन्म से दो  वर्ष तक के बच्चों का इलाज प्लास्टर द्वारा तथा विशेष तरह के जूतों को पहनाकर  किया जा सकता है, जो पूर्णतया निःशुल्क है। कार्यक्रम के दौरान जन्मजात टेढ़े-मेढ़े पैर वाले बच्चों के लिए आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित भी किया गया। इस कार्यक्रम के तहत 20 बच्चों को  मुफ्त इलाज का लाभ मिला  है। 
*राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के डीईआईसी मैनेजर डॉ आरिफ* ने बताया कि  मिरेकल फीट इंडिया के कार्यक्रम समन्वयक प्रिंश दुबे की देख-रेख में 20 बच्चों का मेडिकल कालेज तथा जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ द्वारा ऑपरेशन कर इलाज किया गया। जनपद में अभी तक 102 बच्चों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है,   जिसमें इस योजना के तहत वर्तमान में 20 बच्चे निःशुल्क चिकित्सा का लाभ ले रहे हैं। 
क्या कहा लाभार्थियों ने-

1- ममता ( 14 माह) ग्राम बसीरपुर ब्लाक पल्हनी की माँ मानिटा राजभर ने बताया कि बेटी को जन्म के समय से ही बायें पैर में यह दोष था, मुझे बहुत ही प्रसन्नता है कि इसका ऑपरेशन से इलाज हुआ वह भी पूरा निःशुल्क। 

2- इजहान खान उम्र 4 माह ग्राम जयराजपुर ब्लाक बिलारियागंज की माँ फरहीन खान ने बताया कि बच्चे को टीका लगवाने गये थे, तब एएनएम  ने बताया कि आपका बच्चा ठीक हो जायेगा जिला अस्पताल में ले जाइए | यहाँ लेकर आई हूँ, पूरा इलाज निःशुल्क किया गया और  मैं बहुत खुश हूँ।

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