4 अप्रैल तक पोषण पखवाड़ा चलेगा - डीपीओ

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

आजमगढ़, 28 मार्च 2022: जनपद में महिलाओं व बच्चों में कुपोषण खत्म करने और पोषण अभियान को पूर्ण सफल बनाने के लिए 21 मार्च से पोषण पखवाड़ा चल रहा है। इसके तहत सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों व गर्भवती का वजन लिया जा रहा है। यह जानकारी दी कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार मौर्या ने।
डीपीओ ने बताया कि 4 अप्रैल तक चलने वाले पोषण पखवाड़ा की एक विस्तृत आख्या बनाई गयी है। इसमें उसकी एक फाइल भी तैयार की जा रही है। इसके तहत गर्भवती और बच्चों का वजन लेते हुए उनके समय अनुसार वजन और मैम श्रेणी का चिन्हांकन भी किया जा रहा है।
उन्होने बताया कि जिले में 0 से 5 वर्ष तक 522737 बच्चे हैं । 21 से 27 मार्च तक पोषण पखवाड़ा के प्रथम चरण में 0 से 5 वर्ष तक 379974 बच्चों का आज तक वजन लिया गया। जिसमें सामान्य श्रेणी वाले 334081 बच्चे पाए गये।  साथ ही अल्प वजन यानी कि (पीली श्रेणी) के 36340 बच्चे चिन्हित हुए।  जबकि लाल श्रेणी में 9553 बच्चे पाये गये। वजन के सापेक्ष 10093 मैम एवं 2087 सैम बच्चों की संख्या है। अति कुपोषित बच्चे पाये जाने पर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र  में भर्ती किया जायेगा। जनपद में कुल 5588 आंगनवाड़ी केंद्र हैं जिसमें 5588 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शामिल हैं।  जिनके माध्यम से बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार के कार्यक्रम के प्रथम सप्ताह 21 से 27 मार्च तक 0 से 5 वर्ष तक के समस्त बच्चों का वजन तथा लम्बाई/ऊँचाई लेकर उनके पोषण श्रेणी का वर्गीकरण (लाल/पीली/हरी श्रेणी के बच्चों तथा सैम/मैम बच्चों का चिन्हीकरण) का सफल कार्यक्रम किया गया।  
द्वितीय सप्ताह 28 मार्च से 4 अप्रैल तक लैंगिक संवेदनशीलता, जल प्रबन्धन, एनीमिया प्रबन्धन व रोकथाम तथा विशेष जनजातीय क्षेत्रों में महिलाओं व बच्चों के लिये पारम्परिक भोजन को बढ़ावा दिया जायेगा। 
द्वितीय सप्ताह (28 से 4 अप्रैल) में कार्यक्रम के अन्तर्गत थीम-1 लिंग संवेदीकरण जल प्रबंधन विषय 28 मार्च को जल संरक्षण में महिलाओं की भूमिका प्रदर्शित की जायेगी।  जिसमें पंचायत स्तर पर समुदाय आधारित जागरूकता, प्रचार प्रसार द्वारा जागरूकता, ग्राम्य विकास व पंचायती राज द्वारा पंचायत व ग्राम स्तर पर संवेदीकरण कार्य तथा 29 मार्च को जल संरक्षण की महत्ता पर महिलाओं में जागरूकता पैदा की जायेगी। 30 मार्च को किशोरी बालिकाओं तथा गर्भवती/धात्री माताओं में एनीमिया से बचाव व उपचार किया जायेगा। 31 मार्च को स्कूली बच्चों में एनीमिया की रोकथाम व उपचार किया जायेगा। एक अप्रैल को एनीमिया के बचाव व प्रबन्धन पर आयुष साथ ही थीम-3 के अन्तर्गत दिनांक दो  से तीन अप्रैल को क्षेत्रीय व पारम्परिक भोज्य पदार्थां के सेवन को बढ़ावा दिया जायेगा एवं रेसिपी प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा।

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