आज़मगढ़।
रिपोर्ट: शैलेंद्र शर्मा
आजमगढ़। आजमगढ़-मऊ विधान परिषद के लिए समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव इस बार भी वर्तमान एमएलसी राकेश यादव गुड्डू पर ही दांव लगाया है। प्रत्याशी घोषित होते ही एमएलसी राकेश यादव ने नामांकन के दूसरे दिन समर्थकों के साथ नामांकन पत्र दाखिल किया । नामांकन पत्र दाखिल कर बाहर निकलते ही पार्टी के जिला पंचायत सदस्य,ब्लाक प्रमुख,जिला पंचायत अध्यक्ष माल्यार्पण कर मानो जीत की अग्रिम बधाई देने के लिए जुट गए थे।
कलेक्ट्रेट भवन में कड़ी सुरक्षा के बीच दूसरे दिन 16 मार्च को भी विधान परिषद सदस्य के लिए नामांकन पत्र खरीदने और दाखिले का काम जारी रहा। सपा के एमएलसी राकेश यादव तो पहले ही दिन नामांकन पत्र खरीद चुके थे। दूसरे दिन भी अन्य दलों से पांच दावेदारों ने नामांकन पत्र खरीदा। इसमें प्रमुख रूप से बीजेपी से सहजानंद राय ने चार सेट में नामांकन पत्र खरीदा। जबकि निर्दलीय के रूप में मऊ जिले के मो. असलम जमाल ने एक सेट,डॉ. मनीष त्रिपाठी ने दो सेट , कांग्रेस से रन बहादुर एक सेट और निर्दलीय डॉ. रजनी त्रिपाठी ने एक सेट में नामांकन पत्र खरीदा है। हालांकि अभी बीजेपी ,कांग्रेस और बसपा ने अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है। समाजवादी पार्टी ने वर्तमान एमएलसी राकेश यादव उर्फ गुड्डू को प्रत्याशी घोषित किया है। ऐसे में एमएलसी राकेश यादव ने पार्टी के समर्थकों के साथ नामांकन पत्र दाखिल कर बीजेपी को चुनौती भी देते गए। चुनावी रण में उतरे एमएलसी राकेश यादव अपने आगे किसी की लड़ाई ही नहीं मान रहे हैं। वे कहते हैं कि भले ही यूपी में बीजेपी की सत्ता है,मगर आजमगढ़ में तो समाजवादियों की सरकार रहती है। उन्होंने यह भी कहा कि आजमगढ़ में बीजेपी का कोई मतलब नहीं है।
एमएलसी राकेश यादव भले ही आजमगढ़ में बीजेपी की कोई हैसियत न मान रहे हो,मगर उन्हें ब्लाक प्रमुखी के चुनाव में इस बार महराजगंज ब्लाक से बीजेपी से ही हार का सामना करना पड़ गया था। अब देखना यह होगा कि राकेश यादव विधानपरिषद के चुनाव में बीजेपी को मात दे सकते हैं या फिर सत्ता के जोर के आगे उनका जोर कमजोर पड़ जाएगा।
इधर जिला प्रशासन ने एमएलसी चुनाव शुरू होते ही ग्राम प्रधानों की जांच भी कराना शुरू कर दिया है। जांच से ग्राम प्रधानों में हड़कंप मच गया है।