आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आजमगढ़, 30 मार्च 2022 :- सिर में दर्द एक बड़ी सामान्य सी समस्या है। लेकिन लगातार होने वाले सिर दर्द को नजरअंदाज करना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। यह कहना है भूतपूर्व सीएमओ एवं फिजीशियन डॉ एके मिश्रा का।
डॉ मिश्रा ने बताया कि रोजाना की जिंदगी में हम आये दिन सिर दर्द का सामना करते हैं, लेकिन इसे सामान्य मान कर ध्यान नहीं देते हैं। आपको लगातार रहने वाले सिर दर्द की समस्या गंभीर भी हो सकती है। इंसानों में कई तरह के सिर दर्द हो सकते हैं। इसके लिए जरुरी है कि समय रहते आपको पता होना चाहिए कि इस दर्द के पीछे की असल वजह क्या है ?
तनाव में होने वाला सिर दर्द-
तनाव में होने वाला सिर दर्द आमतौर पर सबसे सामान्य सिरदर्द है। जोकि अक्सर वयस्क और किशोरों में होता है। इसमें कोई दूसरे लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। ये सिर दर्द आता-जाता रहता है। इसका मुख्य कारण तनाव होता है।
माइग्रेन सिर दर्द -
माइग्रेन का दर्द काफी तेज और असहनीय होता है। इस तरह का दर्द कुछ घंटों से लेकर, कुछ दिनों तक रह सकता है। इस तरह का दर्द एक महीने में 3 से 4 बार हो सकता है। इस दर्द की खास पहचान ये है कि इसके लक्षण, जैसे रोशनी/लाइट से परेशानी होना, तेज आवाज से तकलीफ बढ़ना, उल्टी आना, जी-घबराना, भूख खत्म होना, पेट खराब होना, पेट दर्द आदि शामिल हैं।
क्लस्टर सिर दर्द-
इस सिर दर्द को क्लस्टर इसलिए बोलते हैं क्योंकि ये ज्यादातर ग्रुप्स में होते हैं। इसका मतलब आपको एक दिन में कई बार ये दर्द उठ सकता है। इसमें सबसे गंभीर और तेज असहनीय दर्द होता है। जिससे मरीज को आंखों के आस-पास जलन और कील चुभने जैसा एहसास होता है। आंखें सूखना, आंख लाल होना, प्यूपिल (आंख की पुतली) का छोटा होना या लगातार आंसू आते रहना है। ये दर्द जिस तरफ होता है, उस तरफ की नाक में सूखापन महसूस होता है। इस तरह के सिर दर्द का समय 2 हफ्ते से 3 महीने तक हो सकता है।
साइनस सिर दर्द-
साइनस का दर्द लगातार और तेज होता है। यह गाल की हड्डी, माथे या नाक के ऊपर वाली सतह पर हो सकता है। ये सिर दर्द, माथे में पाए जाने वाली कैविटी (साइनस) में सूजन आने के कारण होता है। दर्द के साथ पीड़ित की नाक बहना, कान बंद होना, बुखार और चेहरे पर सूजन जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं। साइनस के समय नाक से कफ जैसा पदार्थ निकलता है, जो हरे और पीले रंग का हो सकता है। यह आमतौर पर नहीं निकलता है।
पोस्ट ट्रॉमेटिक सिर दर्द-
यह दर्द किसी तरह की चोट लगने के बाद होने वाला दर्द है। ऐसा दर्द चोट लगने के दो तीन दिन बाद उभर सकता है। इसमें दर्द के दौरान आपको याददाश्त से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। साथ ही थकान का एहसास होना, चिड़चिड़ापन, एकाग्रता में कमी जैसी दिक्कतें भी होती हैं। यह सिर दर्द कुछ हफ्ते तक हो सकता है, लेकिन ज्यादा समय तक रहने पर अपने नजदीकी डॉक्टर या चिकित्सालय में सलाह लेकर इलाज अवश्य कराना चाहिए।
मंडलीय जिला चिकित्सालय में छः फिजीशियन डाक्टरों की ओपीडी होती है। इस समय प्रत्येक डाक्टर की ओपीडी लगभग 90 से 100 मरीजों की होती है। इस तरह 100 मरीजों की ओपीडी में 15 से 20 मरीज तेज सिर दर्द की समस्याओं से संबन्धित होते हैं। इस क्रम में जनवरी माह में 11288 मरीज, फरवरी में 10856 मरीज तथा मार्च में अब तक 14171 मरीजों की ओपीडी हुई है।
अर्बन पीएचसी मुबारकपुर के 34 वर्षीय प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अखंड प्रताप राय ने बताया कि सिर दर्द कि समस्या होने पर तीन महीने पहले दिखाया था। लगातार दवा ले रहा हूँ, मुझे पहले से काफी आराम है। कोटवा रानी की सराय निवासी 35 वर्षीय मधुलता ने बताया कि मैंने एक महीने पहले सिर में तेज दर्द होने पर दिखाया था। तभी से दवा का सेवन कर रही हूँ। मुझे लगभग 80 फीसदी आराम है।