आज़मगढ़।
रिपोर्ट: गौरव सिंह राठौर
आज़मगढ़:सगड़ी तहसील क्षेत्र के बाबा चौमुखी नाथ मंदिर समीप सरकारी ट्यूबेल बरसों से खराब पड़ा है जिस पर कोई भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहा है। खेती करने वाले किसानों को गर्मी में काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। किसानों के लिए जगह-जगह लगाए गए राजकीय नलकूप देखरेख के अभाव में खराब पड़े हैं। यह हाल किसी एक सरकारी ट्यूबेल का नहीं आपको बता दें कि ऐसे दर्जनों ट्यूबेल खराब पड़े हैं जिनको उचित देखरेख की जरूरत है सरकार की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रह जा रही हैं। ऐसे में किसान या तो ट्यूबेल की बोरिंग करा कर अपनी खेतो की सिंचाई कर रहे हैं या फिर किसान खुद की बोरिंग करा लें तो इन सरकारी ट्यूबेल का मतलब ही क्या है।
आपको बताते चले कि गांव में वर्षों पूर्व किसानों को सचाई की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए गांव के सिवान में सरकार ने नलकूप स्थापित कराया था। सगड़ी तहसील क्षेत्र के लगभग प्रत्येक गांव के बहुत से किसान सब्जी, गेहूं, धान और गन्ने की खेती करते है। वर्षों से ट्यूबवेल खराब पड़ा हुआ है। इससे किसानों की सब्जी की खेती बुरी तरह से प्रभावित है। खेतों में धान की डाली गई नर्सरी सूख जाती है। तो ऐसी स्थिति में किसान या तो किराए के ट्यूबेल का सहारा लेते हैं या फिर निजी ट्यूबेल की बोरिंग करवाते हैं वही कुछ ग्रामीणों से बात करने पर उन्होंने बताया कि लोगों ने इसे ठीक कराने के लिए विभागीय अधिकारियों तथा कर्मचारियों से कई बार गुहार लगाई परंतु किसी ने इस ओर ध्यान देना उचित नहीं समझा। इससे समस्या बरकरार बनी हुई है और ट्यूबवेल खराब होने से दिन प्रतिदिन खेती किसानी की समस्या जटिल होती जा रही है। विभाग अपने सरकारी अभिलेखों में सब कुछ ठीक-ठाक होने का दावा कर रहा है परंतु अधिकांश राजकीय नलकूप खराब ही पड़े हैं।