आज़मगढ़।
रिपोर्ट: गौरव सिंह राठौर
आज़मगढ़: खुले में शौच मुक्ति के लिए पिछले सात साल से बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। घर-घर शौचालय का निर्माण कराने के साथ हर ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण भी कराया गया। सामुदायिक शौचालयों के निर्माण पर करोड़ों का बजट खर्च किया गया। हालाकि इतना सब होने के बाद भी खुले में शौच मुक्ति की सोच अव्यवस्था के तालों की कैद से बाहर नहीं निकल सकी है।
सगड़ी तहसील क्षेत्र में लगभग प्रत्येक गांव में सामुदायिक शौचालय का निर्माण तो हो चुका है लेकिन अधिकांश जगहों की स्थिति एक जैसी है जबकि कई शौचालयों से सामान भी गायब हो चुका है। औसतन तीन लाख रुपये खर्च कर हर ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया गया। अब शौचालयों का निर्माण हुए एक वर्ष से अधिक बीत चुका लेकिन पूरी तरह से तैयार हुऐ तमाम सामुदायिक शौचालयों का ताला नहीं खुल सका है। ऐसा तब है जब कई बार अधिकारियों से शिकायत भी की जा चुकी है। लेकिन शौचालयों की स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है।