आज़मगढ़।
रिपोर्ट: गौरव सिंह राठौर
आजमगढ़ 11 मई-- जिला ग्रामोद्योग अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि उ0प्र0 सरकार द्वारा प्रजापति समाज के माटीकला से जुड़े परम्परागत कारीगरों के समन्वित विकास के लिए उ0प्र0 माटीकला बोर्ड का गठन किया गया है। बोर्ड द्वारा माटीकला कौशल विकास योजना (माटीकला शिल्पकारी प्रशिक्षण) के अन्तर्गत जनपद को लक्ष्य आवंटित किया गया है। योजना के अन्तर्गत माटीकला के परम्परागत एवं वास्तविक कारीगरों के लिए उ0प्र0 खादी तथा ग्रामाद्योग बोर्ड के मण्डलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केन्द्र आहोपट्टी, आजमगढ़ में प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया जायेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए माटीकला की कलात्मक, सौन्दर्यपरख, सजावटी, गृह उपयोगी वस्तुयें बनाने, मूर्तिकला, चीनी मिट्टी बर्तन में नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार व्यक्ति जो निम्न योग्यता रखते हों, आवेदन कर सकते हैं।
आवेदक 18 वर्ष आयु का साक्षर एवं उत्तर प्रदेश का मूल निवासी हो। राशन कार्ड के आधार पर एक परिवार के एक सदस्य का चयन किया जायेगा। माटीकला, माटीशिल्प कला की विद्या का प्रशिक्षण प्राप्त हो अथवा परम्परागत कारीगर हो। पात्र आवेदकों का चयन जिला स्तर पर गठित चयन समिति द्वारा किया जायेगा। इच्छुक व्यक्ति अपना आवेदन जिला ग्रामोद्योग कार्यालय सिधारी आजमगढ़ में अपने 02 फोटो, आधार कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र, शिक्षा प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र एवं राशन कार्ड के साथ 25 मई 2022 तक कर सकते हैं।