आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
लेख: हमारे घर ऑगन में गुड के साथ बनने वाली मिटाठियाॅ मिठास के साथ ममता ,प्यार ,स्नेह , संस्कार , परम्परा परिपाटी और नैहर-पीहर का हुनर लेकर दूसरे ऑगन पहुंचती थी। आज चीनी, डालडा और अन्य रसायनिक पदार्थों से बनने वाली मिटाठियाॅ तीसरे पहर तक सड गल जाती हैं । आलस्य के शिखरोंत्कर्ष पर पहुंच चुकी हर घर ऑगन की जीवन शैली का दुष्परिणाम है कि-जो खाने-पीने की चीजें हमारे घर ऑगन की महिलाएं मौसम के लिहाज से गीत गाते गुनगुनाते हुए बडे शौक से बना लिया करती थी वह चीजें अब हर त्यौहार को ध्यान में रखकर बाजार से खरीद कर लाना पड़ता हैं। परन्तु गुड भेली के साथ बनने वाली मिटाठियाॅ महीनों खराब नहीं होती थी । हमारे घर ऑगन में गुड के साथ तिल , गुड के साथ मूंगफली और गुड के साथ अन्य पदार्थों को बनाकर बनने वाली मिटाठियों का दौर लगभग खत्म हो गया। बढते बाजारवाद के क्रूर खंजर ने हमारे ऑगन में बनने वाली तरह-तरह की मिठाईयों का स्वाद और सुगंध हमसे छीन लिया। अनावश्यक भागम-भाग भरी जिंदगी, नारी सशक्तिकरण की नकारात्मक समझदारी, बहुराष्ट्रीय कंपनियों के विज्ञापन का चकाचौंध, तेजी से बढते सीरियल प्रेम, मोबाइल और सोशल मीडिया के साथ बढते गहरे जुडाव के कारण अब हमारे ऑगन में बनने वाली देशज चीजें बाजार में बिकने लगीं हैं। आश्चर्यचकित कर देने वाला तथ्य यह है कि- अब तो होली के अवसर पर बनने वाली गुजिया भी अधिकांश लोग बाजार से खरीद कर लाते हैं। गुड के साथ बनने वाली मिटाठियाॅ महीनों खराब नहीं होती थी। आजकल की मिठाइयां तीसरे पहर तक सड-गल जाती है। महंगी से महंगी स्वादिष्ट मिठाई मेहमान नवाजी लेकर आइये तीसरे पहर खाने लायक नहीं रहती हैं। जबकि क्वार कातिक में गुड के साथ तरह-तरह की लाई चना चबेना मिलाकर बनने वाली मिटाठियाॅ कभी खराब नहीं होती थी बल्कि जितना पुरान होती थी उतना ही मजा देती थी। हमारे में तीज खिजडी और गवनई के अवसर पर हमारे आंगन में बनी मिटाठियों को उपहार के रूप में दिया जाता था। एक ऑगन में बनी मिटाठियाॅ दूसरे आंगन में केवल स्वाद और मिठास लेकर नहीं जाती थी बल्कि एक ऑगन की ममता प्यार स्नेह और मुहब्बत लेकर पहुंचती थी। इसलिए सच्चे हिन्दुस्तानियों से निवेदन है कि फिर से आप अपनी बहू बेटियों की विदाई के अवसर पर या तीज खिजडी और गवनई के अवसर पर देशज गुड भेली के साथ बनी मिटाठियों को उपहार के रूप में भेंट करें। ध्यातव्य हो कि महारानी एलिज़ाबेथ एक समय लंदन मुजफ्फरपुर के गुड भेली के साथ बनी मिटाठियों को मेहमान नवाजी में पेश किया करती थी।
लेखक: मनोज कुमार सिंह प्रवक्ता
बापू स्मारक इंटर काॅलेज दरगाह मऊ।