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मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद आशा संगिनी और बहुओं को नहीं मिला मानदेय, पत्रक सौंप कर मानदेय की मांग।


आज़मगढ़।

रिपोर्ट: गौरव सिंह राठौर

आज़मगढ़: आशा बहू एवं आशा संगिनी कल्याण समिति आजमगढ़ जिला अध्यक्ष संध्या सिंह ने संगठन की मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ स्थित जनता दरबार में पहुंचकर पत्रक सौंप कर अपनी मांगों को पूरा किए जाने की मांग की है।
जिसमें कहा गया है कि कोविड-19 ऐसी विषम परिस्थिति में आशा और आशा संगिनी बहनों ने अहम भूमिका निभाई है। जिसका पैसा मुख्यमंत्री द्वारा ₹500 बढ़ाया गया। दिनांक 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2022 तक का प्रतिमा के दर से 12000 हो रहा है
जो कि यह बहनों का पारिश्रमिक मानदेय और विगत 2 से ढाई महीना बीत गया है। बहनों का पारिश्रमिक मानदेय भी नहीं उनको दिया जा रहा है।  जिलाध्यक्ष संध्या सिंह द्वारा काफी नाराजगी जताई गई और कहा गया है। हमारी आशा और आशा संगिनी बहनों का जल्द से जल्द भुगतान नहीं होगा तो हम सारे कार्य का बहिष्कार करेंगे वही आशा बहू एवं आशा संगिनी कल्याण समिति की जिला अध्यक्ष संध्या सिंह दूरभाष के माध्यम से से बताया कि हमारी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो हम कार्य से बहिष्कार करेंगे वहीं उन्होंने दबी जुबान में सीएमओ साहब पर भी निशाना साधते हुए कहा की आशा एवं आशा संगिनी बहनों के परिश्रम को उच्च अधिकारियों द्वारा भी नजरअंदाज किया जा रहा है ऐसे में अगर हमारी मांगे नहीं पूरी की गई तो हम कार्य बहिष्कार करेंगे।
जिला अध्यक्ष संध्या सिंह ने कहा कि वह हर घड़ी में अपने बहनों के साथ हैं और तब तक संघर्ष करती रहेंगी जब तक उन्हें और उनकी बहनों को उचित मानदेय नहीं मिल जाता

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