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जनपद में मनाया गया राष्ट्रीय डेंगू दिवस।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह
             
घर व आस-पास सफाई रखें, डेंगू से खुद को  सुरक्षित रखें   

आजमगढ़, 16 मई 2022:  केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा मच्छरजनित बीमारी और इसकी रोकथाम के तरीकों के बारे में जागरूकता फैलाने की पहल के तहत  देश में  हर साल  16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाता है । डेंगू के बुखार को  हड्डी तोड़ बुखार भी कहा जाता है। यह संक्रमण मच्छरों से फैलता है, जो गंभीर फ्लू जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है। यह कहना है जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) शेषधर द्विवेदी का। 
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि सोमवार को ग्राम कोल बाजबहादुर में डेंगू दिवस मनाया गया,  जिसमें लोगों को डेंगू के लक्षण, रोकथाम तथा उपचार के बारे में बताया गया।  इसमें  ग्राम प्रधान,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पल्हनी से शिवकुमार यादव, अवनीश चौरसिया, आशा, आंगनबाड़ी आदि लोग उपस्थित रहे । 
उन्होने बताया कि डेंगू से सतर्क रहना  बेहद जरूरी है। यह गड्ढों, अनुपयोगी बर्तन के पात्रों, टायरों, गमलों आदि में पानी जमा होने से मच्छर पनपने लगते हैं । 'डेंगू’ एक संक्रामक  रोग है। यह रोग एक वायरस द्वारा होता है। डेंगू से बचने के लिये हमारी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है क्योंकि इसकी चपेट में आने से शरीर  की इम्युनिटी कम हो जाती है, इसलिये डेंगू से बचाव के लिये विशेष तौर पर यह दिवस मनाया जाता है।  स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू, मलेरिया आदि बीमारियों के अभियान के अंतर्गत लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जनपद के सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर डेंगू की नि:शुल्क जांच व दवाइयाँ उपलब्ध हैं। 

डेंगू के लक्षण –

अकस्मात तेज सिरदर्द व बुखार का होना 
मांसपेशियों  तथा जोड़ो में  दर्द होना 
आंखो के पीछे दर्द होना,जो कि  आंखो को घुमाने से बढ़ता है
जी मिचलाना एवं उल्टी होना  
गंभीर मामलों में नाक, मुंह, मसूडों से खून आना व त्वचा पर चकत्ते उभरना

बचाव- 

डीएमओ ने बताया कि डेंगू से बचाव के लिए  घरों के अंदर व बाहर तथा आस-पास  साफ़-सफाई रखें।  कूलर, टंकी, गमलों, टायरों, अनुपयोगी बर्तनों में पानी जमा न होने दें तथा सप्ताह में एक दिन सभी को खाली कर अच्छे से  सुखा लें, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। दरवाजों व खिड़कियों पर जाली लगवाएं।  मच्छरदानी का नियमित प्रयोग करें, अनुपयोगी वस्तुओं में पानी जमा न होने दें, पानी की टंकी पूरी तरह से ढँककर  रखें। पूरी बांह वाली कमीज और पैंट पहनें,घर और कार्य स्थल के आस-पास पानी जमा न होने दें।  कूलर, गमले आदि को सप्ताह में एक बार खाली कर सुखाएं,गड्डों में जहां पानी इकट्ठा हो, उसे मिट्टी से भर दें।

बुखार होने पर क्या करें –

बुखार होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं और चिकित्सकों की सलाह के अनुसार ही  उपचार करें। सामान्य पानी की पट्टी सिर, हाथ-पांव एवं पेट पर रखें। बुखार के समय पानी एवं अन्य तरल पदार्थों जैसे नारियल पानी, शिकंजी, ताजे फलों का रस इत्यादि का अधिक सेवन करें।

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