आज़मगढ़।
रिपोर्ट: गौरव सिंह राठौर
आजमगढ़ 08 जून-- जिला कारागार आजमगढ़ पर आज कारागार में निरूद्ध बन्दियों के शारीरिक, मानसिक एवं नैतिक विकास के उद्येश्य से पंतजलि योग समिति इकाई आजमगढ़ के योग गुरू देवविजय यादव द्वारा योगाभ्यास कराया गया। जिसमें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून के निर्धारित योग अभ्यासक्रम (प्रोटोकाल) के तहत विभिन्न आसनो एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। महिला बन्दियों को योग का प्रशिक्षण योग शिक्षिका श्रीमती साधना यादव ने दिया। प्रशिक्षण शिविर में उपस्थित बन्दियों को सम्बोधित करते हुये योगगुरु देवविजय यादव ने बताया कि योग एक पूर्ण विज्ञान है, एक पूर्ण चिकित्सा पद्धति है। योग मनुष्य को सकारात्मक चिन्तन के प्रशस्त पथ पर लाने की एक अद्भुत विद्या है। सभी बीमारियों का मूल कारण पाचन तंत्र की अस्वस्थता है। योग से पाचन तंत्र पूर्ण रूप से स्वस्थ रहता है, जिससे सम्पूर्ण शरीर स्वस्थ, हल्का एवं स्फूर्तियुक्त बन जाता है। इस शरीर को चलाने के लिये जैसे आहार की आवश्यकता होती है, वैसे ही आसन प्राणयाम/व्यायाम आदि की आवश्यकता होती है।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक विनोद कुमार ने अपने सम्बोधन में कहा कि योग शरीर और मन शांत करने तथा शारीरिक और मानसिक अनुशासन का एक संतुलन बनाता है। यह तनाव और चिन्ता को कम करने में भी मदद करता है। योग आसन शक्ति, शरीर में लचीलेपन और आत्मविश्वास विकसित करता है। ये सब योग के लाभ हैं, बन्दियों को तनाव मुक्त रहने तथा योग के लाभ प्राप्ति के लिये नियमित योगासन करने हेतु प्रेरित किया गया।
इसी के साथ ही 21 जून योग दिवस की तैयारियों को लेकर कुंवर सिंह उद्यान पार्क में प्रोटोकॉल अनुसार कुल 21 प्रकार के योग अभ्यास देव विजय यादव योग प्रशिक्षक द्वारा संपन्न कराया गया l
इस अवसर पर जिला कारागार में जेलर रविन्द्रनाथ, डिप्टी जेलर श्रीधर यादव, आनन्द कुमार, श्रीमती नीलम कुमारी, योग प्रशिक्षक रवि यादव, जयश्री यादव, सन्तोष पाण्डेय आदि उपस्थित रहे।