Breaking News

जो कृषक अपनी फसल का बीमा नही कराना चाहते, 24 जुलाई तक में लिखित रूप से सम्बन्धित बैंक शाखा को अवगत कराएं।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

आजमगढ़ 23 जुलाई-- जिला कृषि अधिकारी डॉ0 गगनदीप सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजनान्तर्गत प्राकृतिक आपदाओं जैसे- सूखा, सूखे की अवधि, बाढ़, ओला, भूस्खलन, तूफान, चक्रवात, आकाशीय बिजली से उत्पन्न आग एवं रोके न जा सकने वाले अन्य जोखिमों, रोगो/कृमियों से क्षति की स्थिति के कारण बीमित फसल में नुकसान से उपज में कमी होने पर योजना में प्राविधान के अनुसार क्षतिपूर्ति देय होगी। जनपद में प्रधानमन्त्री फसल बीमा योजनान्तर्ग में धान, मक्का एवं अरहर फसल आच्छादित है, खरीफ फसल की बीमित धनराशि का 2 प्रतिशत् का भुगतान कर कृषक द्वारा अपनी फसल का बीमा कराया जा सकता है, जिसका फसलवार बीमित धनराशि एवं प्रीमियम दर निर्धारित किया गया है। जिसके अन्तर्गत धान के लिए बीमित धनराशि 62258 रू0 एवं प्रीमियम की धनराशि 1245 रू0 (प्रति हे0), मक्का के लिए बीमित धनराशि 33246 रू0 एवं प्रीमियम की धनराशि 665 रू0 (प्रति हे0), अरहर के लिए बीमित धनराशि 69078 रू0 एवं प्रीमियम की धनराशि 1381 रू0 (प्रति हे0) निर्धारित किया गया है। 
उन्होने कहा कि जनपद के समस्त ऋणी एवं गैर ऋणी कृषक भाई उपरोक्त फसलों का बीमा दिनांक 31 जुलाई 2021 के पूर्व करा लें। गैर ऋणी कृषक स्वैच्छिक आधार पर अपने निकटतम जन सेवा केन्द्र (सी0एस0सी0)/बैंक शाखा/बीमा कम्पनी के अधिकृत ऐजेण्ट के माध्यम से अपनी अधिसूचित फसल (धान, मक्का एवं अरहर) का नियमानुसार प्रीमियम की धनराशि जमा कर बीमा करा सकते है। फसल बीमा कराने हेतु कृषक अपना आधार नम्बर, मोबाइल नम्बर, बैंक खाते का विवरण आदि अपने साथ रखे। फसल बीमा कराने की अन्तिम तिथि 31 जुलाई 2022 निर्धारित है। 
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद के ऐसे कृषक भाई जिनका किसान क्रेडिट कार्ड बना है, वे कृषक यदि अपनी फसल का बीमा नही कराना चाहते है तो उन्हे दिनांक 24 जुलाई 2022 तक योजनान्तर्गत प्रतिभाग नही करने के सम्बन्ध में लिखित रूप से सम्बन्धित बैंक शाखा को अवगत कराना होगा, अन्यथा की स्थिति में बैंक द्वारा सम्बन्धित कृषक के फसल का बीमा करते हुए प्रीमियम की धनराशि की कटौती कर दी जायेगी।

और नया पुराने