आज़मगढ़।
रिपोर्ट: गौरव सिंह राठौर
आजमगढ़ 08 अगस्त-- जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज ने बताया कि आजादी का अमृत महोत्सव ‘‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’’ दिनांक 14 अगस्त 2022 को मनाये जाने के सम्बन्ध में निर्देश दिये गये है। उन्होने अवगत कराया है कि आजादी का अमृत महोत्सव मनाते हुए अपनी प्रिय मातृ भूमि के उन बेटे एवं बेटियों को नमन करते हैं, जिनको भारत विभाजन के दौरान अपने प्राण न्योछावर करने पड़े थे, ऐसे लोगों की याद में तथा भारत की वर्तमान और भावी पीढ़ियों को विभाजन के दौरान लोगों द्वारा सही गयी यातना एवं वेदना का स्मरण दिलाने के लिए 14 अगस्त को ‘‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’’ के रूप में मनाये जाने का निर्णय लिया गया है।
देश का विभाजन किसी विभीषिका से कम नहीं था। भारत के लाखों लोगों ने बलिदान देकर आजादी प्राप्त की थी, ऐसे समय पर देश को दो दुकड़ों में बट जाने का दर्द आज भी लाखों परिवारों में एक गहरे जख्म की तरह घर कर गया है। इसी समय बंगाल का भी विभाजन हुआ, जिसमें बंगाल के पूर्वी हिस्से को भारत से अलग कर पूर्वी पाकिस्तान बना दिया गया था, जो सन् 1971 में बांग्लादेश के रूप में एक स्वतंत्र राष्ट्र बना। भारत के इस भौगोलिक बटवारे में देश के लोगों को सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक तथा मानसिक रूप से झकझोर दिया था। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हमें न सिर्फ भेद भाव, वैमनस्य एवं दुरभावना को खत्म करने की याद दिलायेगा, बल्कि इससे एकता, सामाजिक सद्भाव और मानव सशक्तिकरण की प्रेरणा मिलेगी।
प्रदेश सरकार द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव के अवसर पर सम्पूर्ण प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमों के साथ इस दिवस दिनांक 14 अगस्त 2022 को ‘‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’’ के आयोजनों रूप में मनाये जाने का निर्णय लिया गया है। इस अवसर पर विभाजन में विस्थापित हुए परिवारों की पहली एवं दूसरी पीढ़ियों को साथ लेकर शरणार्थी बस्तियों/बाजारों अथवा विश्वविद्यालयों एवं कालेजों से सभी के हाथों में तिरंगा लेकर मौन जुलूस का आयोजन एवं अभिलेख प्रदर्शनी स्थल पर प्रार्थना सभा/शान्ति पाठ का आयोजन किया जायेगा। जूलूस का यात्रा मार्ग लगभग 1 किमी रखा जायेगा, ताकि बुजुर्गों, बच्चों व महिलाओं हेतु यह सुविधाजनक हो। जनपद के कालेजों/विश्वविद्यालयों अथवा चिन्हित स्थलों पर विभाजन विभीषिका से संबन्धित अभिलेख प्रदर्शनी का आयोजन किया जायेगा, जिसमें 20 से 25 प्रदेशों (तत्समय के फोटो अखबारों की कतरने साहित्य राजकीय अभिलेख आदि का प्रदर्शन किया जायेगा। जनपद के प्रमुख महाविद्यालयों/विश्वविद्यालयों में विभाजन विभीषिका से सम्बन्धित सेमिनार का आयोजन किया जायेगा, जिसमें विभिन्न विषयों, जैसे भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक विकास में विस्थापितों का योगदान तथा देश की एकता एवं अखण्डता में शरणार्थी व्यक्तियों का योगदान पर चर्चा की जायेगी। इसमें विभाजन विभीषिका से विस्थापित प्रथम पीढ़ी के व्यक्तियों के अनुभवों का प्रस्तुतिकरण किया जायेगा।
उन्होने बताया कि जनपद में भारत पाकिस्तान विभाजन विभीषिका से जुड़ी हुई फिल्मों/डाक्यूमेंट्री को शरणार्थी बस्तियों/महाविद्यालयों/विश्वविद्यालयों ने प्रदर्शन किया जायेगा। स्थानीय प्रकाशकों/पुस्तक विक्रेताओं के सहयोग से सन् 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन विभीषिका से जुड़ी पुस्तकों की प्रदर्शनी लगायी जायेगी। दिनांक 14 अगस्त 2022 को नई दिल्ली से प्रस्तावित कार्यक्रम में मा0 प्रधानमन्त्री जी के उद्बोधन का प्रदर्शनी स्थल एवं शरणार्थी बस्तियों में सजीव प्रसारण की जायेगी। उक्त कार्य में विभिन्न सामाजिक व गैर सरकारी संगठनों आदि का सहयोग भी लिया जायेगा।
जिलाधिकारी ने समस्त कार्यालयाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि शासन द्वारा दिये गये निर्देश के अनुसार निर्धारित तिथि दिनांक 14 अगस्त 2022 को ‘‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’’ को सकुशल मनाये जाने संबंधित कार्यवाही करते हुए फोटोग्राफ जिला पंचायत राज अधिकारी एंव अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 के ईमेलआईडी/व्हाट्सअप ग्रुप पर प्रेषित करना सुनिश्चित करेंगे।