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नियमित टीकाकरण के अंतर्गत केन्द्रों के पर्यवेक्षकों का हुआ प्रशिक्षण।

आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

• टीकाकरण से बारह जानलेवा बीमारियों से होता है बचाव 

• सुपरवाइजर को जागरुक कर उदासीन परिवारों में टीके  लगवाने को लेकर किया गया जागरूक 

आजमगढ़, 17 नवम्बर 2022 : नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के सुदृढीकरण हेतु यूनिसेफ के सहयोग से सुपरवाइजर का एक दिवसीय प्रशिक्षण बृहस्पतिवार को विकास भवन के शास्त्री सभागार में आहूत किया गया। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आईएन तिवारी ने बताया कि शिशुओं को जीवित रहने के लिए टीकाकरण जरूरी है। नियमित टीकाकरण को छोड़ने से नवजात के जीवन पर जानलेवा प्रभाव पड़ सकता है। शिशुओं के जीवन और भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए टीकाकरण सबसे प्रभावी तरीका है। 
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ संजय कुमार ने बताया कि इस प्रशिक्षण में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में लगे हुये प्रत्येक ब्लॉक से चार सुपरवाईजर द्वारा  प्रतिभाग किया गया है। जिसमें एच.एस., एच.आई. ,एच.वी. ,एन.एम.एस., बी.एच.डब्लू आदि हैं, जिनकी ड्यूटी टीकाकरण सत्रों पर पर्यवेक्षण कार्य हेतु लगायी जाती है। उन्हें पुनः प्रशिक्षित कर, टीकाकारण के मुद्दे पर सम्वेदीकृत किया जा रहा है।
यूनिसेफ के एसआरसी शौरभ सिन्हा ने बताया कि यूनिसेफ की टीम के द्वारा ब्लॉक व जिले स्तरीय टीम द्वारा टीकाकरण से 12 जानलेवा बीमारियों से बचने जैसे टीबी, हेपेटाइटिस-बी, पोलियो, काली खांसी, डिप्थीरिया, टिटनेस, हेपिटाइटिस बी, निमोनिया, दस्त, खसरा व रूबेला और दिमागी बुखार से बचने के बारे में जानकारी दी जा रही है। जिसमें नियमित टीकाकरण न कराने से इसका दुष्प्रभाव बच्चे उक्त बीमारियों के शिकार हो सकते हैं, टीकाकरण से झिझक उदासीन परिवारों को मोबिलाइज करने के लिए सभी सुपरवाइजर को जागरुक किया जा रहा है कि इन परिवार के बच्चों का टीकाकरण कराकर, हम सभी बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाने के साथ स्वस्थ जीवन जीने का अधिकार दे सकते हैं। तथा बच्चों को बीमार और कुपोषित होने से बचा सकते हैं।
प्रशिक्षण में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, यूनिसेफ के डीएमसी प्रवेश मिश्रा और गुफरान अहमद,डबल्यूएचओ के एसएमओ डॉ पदम् जैन,यूएनडीपी की वीसीसीएम पूनम शुक्ला, सभी ब्लाकों के सुपरवाइजर सहित कुल 78 लोग उपस्थित थे।

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