आज़मगढ़।
रिपोर्ट: आदर्श श्रीवास्तव
आजमगढ-24 अप्रैल, 2022 को स्वतंत्रता के 75वें वर्ष पर भारत की "आज़ादी का अमृत महोत्सव" समारोह के हिस्से के रूप में मिशन अमृत सरोवर लॉन्च किया गया था। इस मिशन का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट की समस्या को दूर करने के लिये देश के प्रत्येक ज़िले में अमृत सरोवरों का निर्माण एवं पुनरुद्धार करना है। लेकिन सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को कुछ ग्राम प्रधान इस तरह पलीता लगा रहे हैं की सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य तो दूर की बात भ्रष्टाचार का गजब का खेल भी कर गए हैं।
चलिए आपको पूरी कहानी बताते हैं मामला है आजमगढ़ जिले के सगड़ी तहसील क्षेत्र के विकासखंड अजमतगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत नरहन खास का जहां पर 31 लाख,49 हजार रुपए की लागत से अमृत सरोवर का निर्माण कराया गया है। जिसमें वर्तमान ग्राम प्रधान ने पूरे अमृत सरोवर को अपने कब्जे में लेते हुए गेहूं की फसल लगवा दी है। जिससे सरकार द्वारा जल संरक्षण का उद्देश्य फ्लॉप होता नजर आ रहा है। गर्मियों का मौसम आने वाला है पशु पक्षी प्यासे रहेंगे। लेकिन अमृत सरोवर में जाकर पानी नहीं पी सकते। क्योंकि प्रधान जी ने गजब का खेल जो कर दिया है अब गेहूं की फसल लगाई गई है तो उसका फायदा किन लोगों को होता है यह देखने की बात होगी। लेकिन सरकार का जो उद्देश्य रहा है अमृतसरोवर बनाने के पीछे वह खूंटी पर टांग दिया गया है हालांकि इस संबंध में गांव के ही रहने वाले अतुल कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री से इस संदर्भ में शिकायत की है और जांच कर कार्यवाही की मांग की है।