आज़मगढ़।
रिपोर्ट: आदर्श श्रीवास्तव
आज़मगढ़: महाराजगंज थाना क्षेत्र के गोपालपुर गांव निवासी सर्वेंद्र विश्वकर्मा ने महाराजगंज थाने में प्रार्थना पत्र देते हुए आरोप लगाया कि मैं सर्वेंद्र विश्वकर्मा मुंबई शाहपुर में रहता हूं। 27 अप्रैल को मेरी पत्नी की बहन को डिलीवरी थी। जिसमें निशा विश्वकर्मा को बच्चा पैदा हुआ। जिसमें उसके अंदरूनी पार्ट ज्यादा फट जाने के कारण मैं और मेरी पत्नी कौशल्या आर एन यादव के यहां क्लिनिक पर एडमिट किया। जिसमें उन्होंने इलाज चालू किया। पेशेंट के साथ गलत शब्द इस्तेमाल करके दवा इलाज किया। मरीज का बच्चा ज्यादा गड़बड़ हो गया। जिसे हम लोग बिलरियागंज स्थित डॉक्टर आर एन यादव का दूसरा हॉस्पिटल है वहां एडमिट किये। कल 30 अप्रैल को निशा विश्वकर्मा को डिस्चार्ज करना था।
डिस्चार्ज के समय उनका कंपाउंडर बीरबल कुछ अपशब्द बोला मेरे पास एक हजार रुपये कम था। मैं बोला आपको कल तक मिल जाएगा। जिस पर वह पेशेंट को वापस अस्पताल में रख रहे थे। इस बात पर कहा सुनी हो गई। तभी डॉक्टर आर एन यादव हॉस्पिटल से बाहर निकले और मुझे मारने के लिए आमदा हो गए। वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह बीच बचाव किया। किसी तरह से मैं वहां से निकल गया। मेरे बीबी बच्चे परिवार और रिश्तेदारों के सामने डॉक्टर और हॉस्पिटल के कर्मचारियों द्वारा इस प्रकार से किये गए दुर्व्यवहार से मैं काफी आहत हूँ। पीड़ित ने इस सम्बंध में थानाध्यक्ष से कार्यवाही की मांग की है। वही इस सम्बंध में जब डॉक्टर आर एन यादव से बातचीत की तो उन्होंने इन सारे आरोपों को निराधार बताया।