आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आजमगढ़।आजमगढ़ में पुनः कमल खिलाने के लिए महिलाएं भी खूब आगे आ रही है। कहते है जब औरत ठान लेती है तो हर असम्भव को सम्भव बना देती है।इस चुनाव में ऐसा ही दिख रहा है।हर चौपाल,बैठक,नुक्कड़ सभाओं आदि में इनकी संख्या अच्छी खासी दिख रही है।घर की जिम्मेदारी सम्हालने के बाद महिलाओं का राजनिती में चढ़ बढ़कर हिस्सा लेना उनकी जागरूकता का सार्थक संदेश दिख रहा है। सगड़ी में बंदना सिंह विधायक रह चुकी है।वे लगातार सभी महिलाओं को लेकर कमल खिलाने के लिए जी जान से मेहनत कर रही है। आम्रपाली दूबे भी लगातार घूम रही है। उधर अंजना सिंह, अनीता पटेल, बबिता जसरासरिया,पूनम सिंह,रेनू गोस्वामी,माधुरी दूबे,रानी चौरसिया, निरुपमा पाठक,मंजू, प्रगति सिंह,उषा आर्या,अमित लता सिंह, सुमन सिंह,रेखा सिंह,प्रतिभा मौर्य,मिन्ता पटेल, रीता पटेल सेवा दल की बिन्नी श्रीवास्तव, मिथिलेश पाण्डेय आदि लगातार कड़ी धूप में प्रचार कर रही है।गाँवो की महिलाएं जो चर्चित नहीं है।उनके उत्साह,सहभागिता ने महिला संगठन को चर्चित कर दिया है।वरिष्ठ पत्रकार मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जितनी सक्रिय महिला समुदाय भाजपा के लिए दिख रही है।शायद एक बार पुनः सत्तापक्ष का सांसद देने के लिए आजमगढ़ की महिलाएं आतुर हो।और हो भी क्यों नहीं हमेशा आजमगढ़ ने सत्ता विरोधी सांसद दिया है।सत्ता पक्ष का सांसद होने से विकास को गति मिलेगी।
बात सगड़ी की आये तो उत्साह और भी बढ़ता है।गत चुनाव में सगड़ी ने निरहुआ को सर्वाधिक मत दिया था।उसमें भी महिलाओं का मत ज्यादा रहा। सगड़ी विधानसभा संयोजक दिवाकर सिंह भी दिन रात संगठन को गति,मजबूती देने के लिए आयोजक, संयोजन लगातार कर रहे है। ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि मनीष मिश्रा, अरविंद जायसवाल भी लगे हुए है।