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जिस घर में बुजुर्गों का सम्मान नहीं होता, उस घर का देखिए कभी उत्थान नहीं होता - जय हिन्द सिंह 'हिन्द'


आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

लेवे दिहे मोहे जनम हो - प्रोफेसर अखिलेश चन्द्र 

आई होली खाली झोली कौन लगाए किसे अबीर  - प्रोफेसर गीता सिंह 

खुली आँखों से सपना देखती हूँ , अँधेरे में उजाला देखती हूँ - मलका परवीन

बदरा रे मोरे बलमा से कहियो उनके बिना मोर जियरो न लागे- सुरेन्द्र राही 

आज़मगढ़। सगड़ी तहसील क्षेत्र के कम्पोजिट विद्यालय तेजपुर में निधि शैक्षिक एवं शोध संस्थान आजमगढ़ के तत्वावधान में आयोजित शैक्षिक गोष्ठी छात्रों में कलात्मक कौशल का विकास एवं कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें कवियों ने अपने- अपने कविता से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया।
कार्यक्रम एवं कवि सम्मेलन का उद्घाटन ब्लॉक प्रमुख रमेश चन्द्र यादव , ग्राम प्रधान रामप्यारे यादव, प्रो गीता सिंह, जय हिन्द सिंह, प्रो.अखिलेश चन्द्र, प्रोफेसर कृष्णा सिंह, शिशु रोग विशेषज्ञ डा० एम० के० पटेल ने माँ सरस्वती की चित्र पर माल्यार्पण  एवं दीप प्रज्वलित कर किया।
विद्यालय की होनहार छात्रा अनुष्का,  सौम्या, साक्षी, दिव्या ने सरस्वती वंदना को समूह नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत करके ग्राम प्रधान और कार्यक्रम अध्यक्ष प्रोफेसर गीता सिंह के हाथों पुरस्कृत होने का गौरव प्राप्त किया। तदपश्चात कवि सम्मेलन की शुरुआत कवयित्री अनीता राज के सरस्वती वंदना से प्रारम्भ हुई जो देर रात तक चलती रही और श्रोतागण कविता के सागर में गोता लगाते रहे।इस दौरान अभिनय में फिल्म एक्टर सत्य प्रकाश सिंह , पटकथा व संवाद लेखन में जेपी नीलम कुशवाहा, चित्रकारी में चित्रकार सर्वेश मौर्य को उनके दिए गए व्याख्यान के बाद  सम्मानित किया गया।
कवयित्री मलका परवीन ने "खुली आँखों से सपना देखती हूँ, अँधेरे में उजाला देखती हूँ ,सुना कर वाहवाही लूटी।
अभिराज बेदर्दी  ने "जिनगी टेढ़े-मढ़े जाके कोझी कोझी‌ - कोझा  हो गइल, लटकल पुनूई पे चिरई के झोझा हो गइल सुनाया।
जय हिन्द सिंह 'हिन्द' ने "जिस घर में बुजुर्गों का सम्मान नहीं होता, उस घर का देखिये कभी उत्थान नहीं होता"  सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। रामदरश पांडेय  विश्वासी अम्बेडकरनगर  ने " देखकर मुझको घबराए बहुत, दावत देकर पछताया बहुत है पैसा हाथ में देकर बोला मुझसे रुपया कम है खाया बहुत है सुनाकर भ्रष्टाचार पर करारा व्यंग किया।
गोंडा से आए सुरेंद्र राही  ने "बदरा रे मोरे बलमा से कहियो, उनके बिना मोर जियरो न लागे सुनाकर स्त्री वेदना को उजागर किया।
मयकश आज़मी ने "मनुज का विष निकलता ही नहीं है, हजारों बार मंथन हो गया है से समाज में आ रहे रिश्ते के गिरावट को रेखांकित किया।
डॉक्टर पीयूष सिंह सागर ने "प्यार में हम सँवर जाएँगे धीरे-धीरे, तुम मिली ना मुझे ऐ जाने गजल सुनाया।
 रफीक गड़बड़  ने "अबकी बरस जो मोरी नसबन्दी न करहियो,  मैं मायके चली जाऊँगी तुम देखते रहियो से खूब  वाह वाही लूटी।
अनीता राज ने" पिता का साया ममता की छाँव  बँट रही है सुनाया।
महेंद्र मधुकर उन्नाव ने" नयन काजल सम रस से है भरे हुए छंद युक्त प्रस्तुति दी। शैलेंद्र मोहन राय अटपट ने घरे घरनी भइल तालिबान बा, खतरा में जान बा पढ़ते हुए हास्य व्यंग से लोगों को खूब हंँसाया। शिव कुमार प्रियदर्शी मऊ ने "बिना कंत के बसंत नहीं भावे सखी" बसन्त गीत और दोहों से माहौल को बासंती किया। संचालक और कार्यक्रम के संरक्षक प्रोफेसर अखिलेश चन्द्र शिक्षा संकाय श्री गांधी पी जी कॉलेज माल्टारी आजमगढ़ ने अपने प्रसिद्ध हस्ताक्षर रचना लेवे दिहे मोहे जनम हो से बेटियों के संरक्षण की चेतना जगाई। डॉ० कमलेश राय मऊ ने अपने भोजपुरी गीत "चुपे चुपे रोवलीं दरद पीर सहलीं केहू से कुछऊ ना कहलीं पीया हो माथे क अँचरा जोगवलीं हो " से सभी को मातृ भाषा और संवेदना से जबरदस्त जोड़ा।श्री अरविंद श्रीवास्तव चित्रांश ने बिटिया की विदाई के गीत सुनाया। अध्यक्षता कर रही प्रोफेसर गीता सिंह शिक्षक श्री अध्यक्ष स्नातकोत्तर हिन्दी विभाग डी ए वी पी जी कॉलेज आजमगढ़ ने आई होली खाली झोली कौन लगाए किसे अबीर सबकी गाली खुद सहने को लिए लूआढी खड़ा कबीर सुनाते हुए कार्यक्रम को अधिकतम ऊंचाई दी। सम्मेलन में नीतू यादव, जितेंद्र मिश्रा काका की भी प्रस्तुति लाजवाब रही।
कार्यक्रम का सफल संचालन प्रोफेसर अखिलेश चंद्र ने किया। संस्था अध्यक्ष प्रोफेसर कृष्णा सिंह अवकाश प्राप्त कार्यवाहक,अध्यक्ष समाजशास्त्र विभाग गांधी त्रिवेणी पी जी कॉलेज बरदह आजमगढ़ ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम के केंद्र बिंदु ग्राम प्रधान राम दुलारे यादव जी को संस्था द्वारा अंग वस्त्र ,स्मृति चिन्ह और उनका सर्वेश मौर्य के द्वारा बनाए गए चित्र के साथ भेंट कर फूल मालाओ से सम्मानित किया गया। अंत में संयोजक जय हिन्द सिंह 'हिन्द'ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। संस्था द्वारा सगड़ी क्षेत्र में विशेष कार्य करने के लिए मीडिया से राजेंद्र मौर्य( अमर उजाला) और वीर सिंह (समाचार इंडिया लाइव) को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में धीरेन्द्र पांडेय,रमेश यादव शोध छात्र शिक्षा संकाय महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय आजमगढ़,शिव शंकर यादव शोध छात्र हिंदी विभाग महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी, प्रधानाध्यापक रविन्द्र नाथ सिंह,हिमांशु मिश्र, अभिनव, खरभान यादव सहित पूरा विद्यालय परिवार, छात्र और अभिवाहक के साथ ही कपिलदेव सिंह, केदार नाथ वर्मा, हरिनाथ, हरिनारायण, मनोज सिंह , हरिनाथ यादव, जितेन्द्र कुमार , ओमप्रकाश, राम दुलारे मौर्य, जगदीश सिंह, विनोद पटेल, महेन्द्र पुरी रामपति यादव, मनोज मौर्य आदि उपस्थित रहे।

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