आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आजमगढ़, 16 अप्रैल 2025: जनपद आजमगढ़ के थाना जहानागंज क्षेत्र निवासी अरविन्द चौहान, जिनकी गुमशुदगी वर्ष 2019 में दर्ज की गई थी और बाद में उन्हें मृत मानकर हत्या का मुकदमा भी दर्ज कराया गया था, को आजमगढ़ पुलिस ने लखनऊ से जीवित बरामद कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना के दिशा-निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत यह बड़ी सफलता हासिल हुई।
अरविन्द चौहान की गुमशुदगी 30 जुलाई 2019 को कोतवाली थाने में दर्ज की गई थी। बाद में उनकी पत्नी सुनीता चौहान द्वारा न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर उनके अपहरण और हत्या का आरोप लगाते हुए मु.अ.सं. 510/24 धारा 302/201 भादवि के तहत मामला दर्ज कराया गया। आरोपियों में वासुदेव चौहान और घरभरन चौहान का नाम शामिल था। पुलिस ने अरविन्द के परिवार के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल जांची, जिससे कुछ संदिग्ध नंबर सामने आए। सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर 15 अप्रैल 2025 को दोपहर 12:30 बजे आईआईएम लखनऊ के पास से अरविन्द चौहान को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में अरविन्द ने बताया कि वर्ष 2017 में एलकेमिस्ट लिमिटेड नामक कम्पनी के भाग जाने के बाद, जिनसे उसने करोड़ों रुपये जमा कराए थे, लोग उससे पैसा मांगने लगे। इसी दबाव में वह 19 जुलाई 2019 को मोबाइल और सारा सामान छोड़कर लखनऊ चला गया और वहां ऑटो चलाने लगा। वह व्हाट्सएप कॉल के जरिए अपनी पत्नी और बच्चों से गुपचुप तरीके से संपर्क में रहता था। उसने बताया कि उसके रिश्तेदार वासुदेव चौहान ने उसके और उसकी पत्नी के खातों में धोखाधड़ी से 4.42 लाख रुपये ट्रांसफर किए, जिसको लेकर पहले से एक मामला थाना जहानागंज में मु.अ.सं. 289/21 धारा 406/419/420/120बी/506 भादवि में दर्ज है। इसी मुकदमे के दबाव में उसकी पत्नी ने कथित हत्या की झूठी कहानी गढ़ी। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थाना कोतवाली के प्र0नि0 शशिमौलि पाण्डेय, उ0नि0 उमेश चन्द्र यादव, उ0नि0 अतुल मिश्रा (प्रभारी, सर्विलांस सेल), हे0का0 उमेश यादव, ओ0पी0 दिनेश यादव, का0 अखिलेश यादव और का0 अनुरुद्ध प्रसाद शामिल रहे।
पुलिस इस मामले में आगे की विधिक कार्यवाही कर रही है।