आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आजमगढ़, 06 अगस्त 2025। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संरक्षित एवं यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा प्रायोजित यूनियन ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI), सेठवल, रानी की सराय, आजमगढ़ में बुधवार को साइबर अपराध एवं फ्रॉड से बचाव को लेकर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन की साइबर सेल द्वारा साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के प्रति प्रतिभागियों को सचेत किया गया। संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 75 प्रतिभागियों ने इस अवसर पर साइबर सुरक्षा से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम में प्रभारी निरीक्षक विभा पांडेय, तथा मुख्य आरक्षी ओमप्रकाश जायसवाल द्वारा साइबर अपराध के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रभारी निरीक्षक ने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को सोशल मीडिया की सतर्कता, फर्जी कॉल और मैसेज से बचाव, तथा ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी के बारे में जागरूक किया।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक गुलाब सिंह, प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर चंद्रेश कुमार पाठक, विजय शंकर पांडे, प्रांजल सिंह, आकाशदीप, सुभद्रा शाही, तथा राम नवल प्रजापति भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में जिन 10 मुख्य बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया, वे निम्नलिखित हैं:
1. किसी भी अज्ञात व्यक्ति से प्राप्त लिंक या OTP साझा न करें।
2. बैंक अधिकारी या सरकारी कर्मी बनकर आने वाली फर्जी कॉल से सावधान रहें।
3. मजबूत पासवर्ड बनाकर उसे समय-समय पर बदलें।
4. केवल आधिकारिक वेबसाइट या ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें।
5. ‘जल्द पैसा दोगुना’ जैसी स्कीमों से दूर रहें।
6. सार्वजनिक Wi-Fi का उपयोग करते समय सतर्क रहें।
7. सोशल मीडिया पर निजी जानकारी सीमित रखें।
8. धमकी या अशोभनीय संदेशों की तुरंत रिपोर्ट करें।
9. किसी भी साइबर अपराध की तत्काल शिकायत www.cybercrime.gov.in पर दर्ज करें।
10. बच्चों को इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग की शिक्षा दें।
संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाएंगे ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग साइबर अपराध से सुरक्षित रह सकें।