आज़मगढ़।
रिपोर्ट: वीर सिंह
आजमगढ़ की सड़कों पर ‘सुरूर’ का अंत, पुलिस ने उतारा ‘नशे का बुखार’
आजमगढ़। शराब का नशा सिर चढ़कर बोल रहा था, लेकिन पुलिस का डंडा उससे भी ऊँची आवाज़ में बोला। शनिवार को "ऑपरेशन सड़क पर सुरूर" में आजमगढ़ पुलिस ने 62 शराबियों और नशेड़ियों को ऐसा घेरा कि उनका सुरूर हवालात की हवा में उड़ गया।
नगर सर्किल के कोतवाली, सिधारी, कंधरापुर और रानी की सराय थाना क्षेत्रों में जाम छलकाते दिखे लोग पुलिस की गाड़ी में ऐसे चढ़ाए गए जैसे बारातियों की तरह धक्के से सीट पर बिठाया जाता है। जिन गलियों और चौक-चौराहों पर बोतलें छनक रही थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा है।
एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने पहले ही चेताया था— "सड़क पर सुरूर चढ़ा तो जेल का फर्श बिछा मिलेगा।"
पुलिस की यह कार्रवाई केवल पकड़-धकड़ तक सीमित नहीं रही। हिरासत में गए शराबियों को समझाया भी गया कि यह नशा सिर्फ जेब नहीं खाली करता, बल्कि घर की इज्जत और परिवार की नींद भी उड़ा देता है।
अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुवन कुमार सिंह और सीओ नगर शुभम तोदी ने खुद मोर्चा संभाला। कार्रवाई देख बाकी शराबी ऐसे दुबके जैसे दुकान पर छापा पड़ते ही बिना बिल के सामान कोने में घुसा दिया जाता है।
मिशन शक्ति फेज-5 के तहत यह अभियान महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा से भी जोड़ा गया है। साफ संदेश है—
सड़क पर बोतल नहीं खुलेगी, वरना जेल का ताला जरूर खुलेगा।