सगड़ी (आजमगढ़)। सगड़ी तहसील के हरसिंहपुर में आयोजित श्रीराम कथा में बुधवार को कथा व्यास प्रेमभूषण जी महाराज ने श्रद्धालुओं को धर्म और प्रकृति के गहरे संबंध का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जब धरती पर धर्माचरण बढ़ता है और लोग धर्मपूर्वक जीवन जीने का प्रयास करते हैं, तब प्रकृति भी आनंदित हो उठती है।
महाराज ने कहा कि जब प्रकृति अपने सहज और संतुलित स्वरूप में होती है, तब वह धरती के हर जीव को सुख प्रदान करती है। भगवान श्रीराम के जन्म के समय भी प्रकृति इसी प्रकार प्रसन्न होकर पूरे जगत को सुख देने लगी थी। उन्होंने कहा कि जहां भगवत चर्चा और सत्संग होता है, वहां केवल मनुष्य ही नहीं बल्कि प्रकृति भी आनंदित हो जाती है और इसकी अनुभूति हर व्यक्ति कर सकता है।
कथा के दौरान उन्होंने कहा कि मनुष्य को देव दुर्लभ मानव शरीर मिला है और यदि उसके सभी अंग स्वस्थ रूप से कार्य कर रहे हैं तो इससे बड़ा सुख और कोई नहीं हो सकता। इसलिए मनुष्य को अपने जीवन में हमेशा धर्मसम्मत कर्म करने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि जब मनुष्य के कर्म बिगड़ जाते हैं, तब लाख प्रयास करने के बाद भी उसकी मति और गति काल के वश में चली जाती है। जीवन में सुख और दुख दोनों का आना निश्चित है। एक आता है तो दूसरा चला जाता है, लेकिन यह सब मनुष्य के अपने कर्मों का परिणाम होता है। भगवान किसी को भी अपनी ओर से कुछ नहीं देते, बल्कि कर्मों के अनुसार ही फल मिलता है।
कथा के दौरान आयोजक धर्मेंद्र कुमार सिंह, राजेश कुमार सिंह, प्रशांत सिंह, पूजा सिंह, सुशांत, शशांक, संत लीलादास, मनोज सिंह सहित कई लोग व्यवस्था में जुटे रहे। रामकथा का श्रवण कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरे परिसर में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।