आजमगढ़। मेहनगर थाना क्षेत्र में वर्ष 2017 में हुई हत्या के मामले में अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को आजीवन कारावास और 1.05 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत गुणवत्तापूर्ण विवेचना, प्रभावी मॉनिटरिंग और अभियोजन पक्ष की पैरवी के बाद हुई।
पुलिस के मुताबिक, 3 फरवरी 2017 को प्रभात कुमार दूबे पुत्र स्व. वीरेंद्र दूबे, निवासी पटना अहियाई, थाना मेहनगर ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि आरोपियों ने उनके पिता वीरेंद्र दूबे की गला दबाकर हत्या कर दी है।
मामले में मेहनगर थाने पर मु.अ.सं. 47/2017, धारा 302, 147 और 149 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
पुलिस के अनुसार, मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। मामले में प्रभावी पैरवी और साक्ष्यों के आधार पर 16 सितंबर 2026 को आजमगढ़ स्थित एएसजे-4 न्यायालय ने पांचों आरोपियों को दोषसिद्ध करार दिया।
दोषी ठहराए गए आरोपियों में राजेन्द्र पाण्डेय, टोनू पाण्डेय, उषा पाण्डेय, रीना पाण्डेय निवासी भीखमपुर, थाना मेहनगर तथा शोभा पाण्डेय निवासी कस्बा मेहनगर शामिल हैं। अदालत ने सभी को आजीवन कारावास और 1,05,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
पुलिस ने इसे ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत प्रभावी विवेचना, मॉनिटरिंग और अभियोजन पैरवी का परिणाम बताया है।