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साइबर फ्रॉड की ₹1.42 लाख की पूरी रकम वापस, बरदह पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ऑनलाइन ऑर्डर भी रद्द


आज़मगढ़।

रिपोर्ट: वीर सिंह

आजमगढ़। बरदह थाना क्षेत्र में साइबर फ्रॉड के शिकार हुए एक व्यक्ति को पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क की कार्रवाई के बाद ₹1,42,500 की पूरी धनराशि वापस करा दी गई। साइबर अपराधियों ने मोबाइल नंबर हैक कर कॉल फॉरवर्डिंग के माध्यम से पीड़ित के क्रेडिट कार्ड से यह रकम खर्च की थी। पुलिस के अनुसार, ठगी की रकम से ऑनलाइन खरीदे गए Voltas कंपनी के सामान का ऑर्डर भी समय रहते निरस्त करा दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, ग्राम दुबरा निवासी शुभेन्द्र कुमार सिंह के मोबाइल नंबर को 2 सितंबर 2026 को हैक कर कॉल फॉरवर्डिंग के जरिए उनके क्रेडिट कार्ड से कुल ₹1,42,500 का अनधिकृत लेनदेन किया गया। साइबर अपराधियों ने इस रकम से Voltas कंपनी के सामान की ऑनलाइन खरीदारी की थी।

घटना की जानकारी होने पर पीड़ित ने उसी दिन NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत संख्या 33109260229544 के आधार पर थाना बरदह की साइबर हेल्प डेस्क टीम ने संबंधित कंपनी से ई-मेल के माध्यम से संपर्क किया। पुलिस के अनुसार, त्वरित कार्रवाई के चलते ऑनलाइन ऑर्डर निरस्त कराया गया, जिससे अपराधियों को खरीदा गया सामान प्राप्त नहीं हो सका।

इसके बाद साइबर हेल्प डेस्क टीम ने संबंधित बैंक और वित्तीय संस्थानों से समन्वय कर आवश्यक पत्राचार एवं तकनीकी कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, इस प्रक्रिया के बाद साइबर फ्रॉड की पूरी ₹1,42,500 की रकम पीड़ित को वापस करा दी गई।

कॉल फॉरवर्डिंग के जरिए हो सकता है फ्रॉड

पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी मोबाइल या सिम से संबंधित जानकारी हासिल कर कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिवेट करा सकते हैं। इसके बाद आने वाली कॉल या ओटीपी का दुरुपयोग कर बैंक खाते, क्रेडिट कार्ड अथवा अन्य वित्तीय सेवाओं से अनधिकृत लेनदेन किया जा सकता है। इसके अलावा ठग बैंक अधिकारी, कस्टमर केयर कर्मचारी, पुलिस अधिकारी या परिचित बनकर भी गोपनीय जानकारी हासिल कर सकते हैं।

पुलिस ने लोगों से अनजान व्यक्ति के कहने पर कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिवेट नहीं करने, OTP, PIN, CVV, पासवर्ड और UPI PIN किसी से साझा नहीं करने तथा संदिग्ध लिंक और अनजान एप से बचने की अपील की है। किसी भी अनधिकृत लेनदेन की जानकारी मिलने पर तत्काल बैंक या कार्ड जारीकर्ता को सूचना देने की सलाह दी गई है।

साइबर फ्रॉड होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करने और NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है। पुलिस के अनुसार, समय पर सूचना मिलने से धनराशि को होल्ड कराने या वापस कराने की संभावना बढ़ जाती है।

पुलिस टीम में थानाध्यक्ष चन्द्रदीप कुमार, उपनिरीक्षक मनीष सिंह और महिला आरक्षी आरती सिंह शामिल रहीं।

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