आजमगढ़। साइबर ठगी के एक मामले में बरदह थाना पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क टीम ने कार्रवाई करते हुए पीड़ित के खाते से ठगी गई 8,062 रुपये की पूरी धनराशि वापस करा दी। पुलिस के अनुसार, पीड़ित से बाइक की किस्त जमा कराने के नाम पर एक व्यक्ति ने खुद को श्रीराम फाइनेंस का कर्मचारी बताकर रकम अपने खाते में ट्रांसफर करा ली थी।
पुलिस के मुताबिक, 4 नवंबर 2025 को बरदह थाना क्षेत्र के ग्राम बर्रा निवासी धर्मेन्द्र राजभर पुत्र वंशराज के मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन किया। उसने स्वयं को Shriram Finance का कर्मचारी बताते हुए बाइक की किस्त जमा कराने के नाम पर धर्मेन्द्र से 8,062 रुपये अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिए। रकम मिलने के बाद आरोपी ने मोबाइल फोन बंद कर दिया।
पीड़ित ने मामले की शिकायत 5 नवंबर 2025 को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज कराई। शिकायत संख्या 23111250177085 के आधार पर थाना बरदह की साइबर हेल्प डेस्क टीम ने कार्रवाई शुरू की।
पुलिस के अनुसार, टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी की रकम को संबंधित बैंक खाते में होल्ड कराया। इसके बाद MRM (Money Restoration Module) के माध्यम से आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी कराते हुए पीड़ित के खाते में पूरी 8,062 रुपये की धनराशि वापस करा दी गई।
इस तरह की ठगी से रहें सावधान
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधी अक्सर बैंक, फाइनेंस कंपनी, बीमा कंपनी, पुलिस या अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों का कर्मचारी बनकर फोन करते हैं। किस्त, केवाईसी, खाता अपडेट, पेनल्टी अथवा अन्य कारण बताकर लोगों से रकम किसी खाते में ट्रांसफर करा लेते हैं। रकम मिलने के बाद संपर्क बंद कर देते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक संबंधी जानकारी या रकम साझा न करें। OTP, ATM PIN, CVV, UPI PIN और पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग अथवा रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करने से भी बचें।
साइबर ठगी होने की स्थिति में तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने और National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत करने की सलाह दी गई है। पुलिस के अनुसार, समय रहते शिकायत मिलने पर ठगी की रकम को होल्ड कराने और वापस कराने की संभावना बढ़ जाती है।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष चन्द्रदीप कुमार, उपनिरीक्षक मनीष सिंह और महिला आरक्षी आरती सिंह, थाना बरदह शामिल रहीं।