आजमगढ़। ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत प्रभावी विवेचना और अभियोजन पक्ष की पैरवी के बाद जीयनपुर थाना क्षेत्र में दर्ज मारपीट के मामले में न्यायालय ने चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश (एएसजे-4), आजमगढ़ की अदालत ने प्रत्येक आरोपी को एक माह के साधारण कारावास और 2,500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
पुलिस के अनुसार, 12 मार्च 2009 को ज्ञानपुर निवासी सुभाष चंद पुत्र बसईराम ने जीयनपुर थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि गांव के ही गुलाब पुत्र बुद्धई, सुनील पुत्र रामदास, छोटू पुत्र रामदास और कन्हई पुत्र महेंद्र ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी।
तहरीर के आधार पर जीयनपुर थाने में मु0अ0सं0 221/2009 के तहत धारा 308, 323, 504 और 506 आईपीसी में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने 29 सितंबर 2026 को चारों आरोपियों को दोषसिद्ध करार दिया।
दोषी पाए गए आरोपियों में गुलाब पुत्र बुद्धई, सुनील पुत्र रामदास, छोटू पुत्र रामदास और कन्हई पुत्र महेंद्र, सभी निवासी ज्ञानपुर, थाना जीयनपुर, आजमगढ़ शामिल हैं। न्यायालय ने प्रत्येक को एक माह के साधारण कारावास के साथ 2,500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
पुलिस के मुताबिक, यह फैसला ऑपरेशन कनविक्शन के तहत गुणवत्तापूर्ण विवेचना, मॉनिटरिंग सेल की निगरानी और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप आया है।