आजमगढ़। ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत प्रभावी विवेचना और अभियोजन पक्ष की पैरवी के बाद जहानागंज थाना क्षेत्र में दर्ज दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया है। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट, आजमगढ़ की अदालत ने आरोपी को सश्रम आजीवन कारावास और 40 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
पुलिस के अनुसार, 20 मई 2023 को जहानागंज थाना क्षेत्र की एक महिला ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी बेटी पड़ोस के घर में आयोजित पूजा में गई थी। वहां से लौटते समय आरोपी अभिषेक चौहान उसे कथित तौर पर छत पर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
तहरीर के आधार पर जहानागंज थाने में मु0अ0सं0 237/2023 के तहत धारा 376 आईपीसी और धारा 3(2)(5) एससी/एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट, आजमगढ़ ने 29 सितंबर 2026 को आरोपी अभिषेक चौहान पुत्र सत्य बहादुर चौहान, निवासी सिही रसूलपुर, थाना जहानागंज, आजमगढ़ को दोषसिद्ध करार दिया।
न्यायालय ने आरोपी को सश्रम आजीवन कारावास और 40 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
पुलिस के मुताबिक, यह फैसला ऑपरेशन कनविक्शन के तहत गुणवत्तापूर्ण विवेचना, मॉनिटरिंग सेल की निगरानी और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप आया है।