आजमगढ़। ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत प्रभावी विवेचना और अभियोजन पक्ष की पैरवी के बाद गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष गैंगस्टर-पॉक्सो कोर्ट, आजमगढ़ ने जुर्म स्वीकार करने के आधार पर आरोपी को जेल में बिताई गई 7 वर्ष 3 माह 5 दिन की अवधि के कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
पुलिस के अनुसार, 22 जून 2019 को तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक महराजगंज विकास चंद पांडेय की तहरीर पर आरोपी राजन यादव पुत्र विजय बहादुर यादव, निवासी भीरा, थाना बरदह, आजमगढ़ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
पुलिस का आरोप था कि आरोपी ने संगठित गिरोह बनाकर स्वयं और गिरोह के सदस्यों के भौतिक, आर्थिक एवं दुनियाबी लाभ के लिए आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया। मामले में महराजगंज थाने पर मु0अ0सं0 122/2019, धारा 3(1) उत्तर प्रदेश गैंगस्टर अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से जुर्म स्वीकार किए जाने के आधार पर न्यायालय ने 29 सितंबर 2026 को फैसला सुनाया।
न्यायालय ने आरोपी राजन यादव को जेल में पहले से बिताई गई 7 वर्ष 3 माह 5 दिन की अवधि के कारावास से दंडित करते हुए 5 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई ऑपरेशन कनविक्शन के तहत गुणवत्तापूर्ण विवेचना, मॉनिटरिंग सेल की निगरानी और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी का परिणाम है।