आजमगढ़। ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत गुणवत्तापूर्ण विवेचना और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के बाद गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में न्यायालय ने आरोपी को दंडित किया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष गैंगस्टर-पॉक्सो कोर्ट, आजमगढ़ ने जुर्म स्वीकार करने के आधार पर आरोपी को जेल में बिताई गई 5 वर्ष 1 माह 25 दिन की अवधि के कारावास तथा 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
पुलिस के अनुसार, 16 जून 2021 को तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कृष्ण कुमार गुप्ता की तहरीर पर राजन यादव पुत्र विजय बहादुर यादव, निवासी भीरा, थाना बरदह, आजमगढ़ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
तहरीर में आरोप लगाया गया था कि आरोपी ने संगठित गिरोह बनाकर अपने तथा गिरोह के सदस्यों के भौतिक, आर्थिक एवं दुनियाबी लाभ के लिए आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया। मामले में कोतवाली थाने पर मु0अ0सं0 179/2021, धारा 3(1) उत्तर प्रदेश गैंगस्टर अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया।
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान आरोपी ने जुर्म स्वीकार कर लिया। इसके आधार पर न्यायालय ने 29 सितंबर 2026 को फैसला सुनाते हुए राजन यादव को जेल में पहले से बिताई गई 5 वर्ष 1 माह 25 दिन की अवधि के कारावास से दंडित किया। साथ ही उस पर 5 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई ऑपरेशन कनविक्शन के तहत विवेचना की गुणवत्ता, मॉनिटरिंग सेल की निगरानी और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप हुई।