आजमगढ़। चोरी की घटनाओं में संलिप्तता के आधार पर दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वांछित चल रहीं दो महिलाओं को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों अभियुक्ताओं को 30 सितंबर 2026 को सुबह 10:45 बजे प्राइवेट बस स्टैंड नरौली के पास से गिरफ्तार किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली पुलिस वांछित अभियुक्तों की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि मु0अ0सं0 509/2026, धारा 2(b)(1)/3(1) उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1986 में वांछित दोनों महिलाएं नरौली स्थित प्राइवेट बस स्टैंड के पास मौजूद हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। महिला पुलिसकर्मियों की सहायता से दोनों महिलाओं को पकड़ लिया गया। पूछताछ और सत्यापन के बाद उनकी पहचान शीला देवी पुत्री सीताराम, उम्र 35 वर्ष, निवासी सिधुआपार, थाना बड़हलगंज, गोरखपुर तथा काजल पत्नी करन, उम्र 24 वर्ष, निवासी लखनपारा, पोस्ट भाटपार, थाना बड़हलगंज, गोरखपुर के रूप में हुई।
पुलिस के अनुसार, दोनों उक्त गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वांछित थीं। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए परिजनों को गिरफ्तारी की सूचना दी। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय और मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन किया गया।
दोनों के खिलाफ पहले से मुकदमे दर्ज
पुलिस के मुताबिक, शीला देवी के खिलाफ कोतवाली आजमगढ़ और जीयनपुर थाने में चोरी से संबंधित धाराओं में दो मुकदमे तथा गैंगस्टर एक्ट का वर्तमान मुकदमा दर्ज है। वहीं काजल के खिलाफ कोतवाली आजमगढ़ में चोरी से संबंधित एक मुकदमा और गैंगस्टर एक्ट का वर्तमान मुकदमा दर्ज बताया गया है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक यादवेन्द्र पाण्डेय, उपनिरीक्षक सौरभ त्रिपाठी, उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार मिश्रा, हेड कांस्टेबल अभय सिंह, कांस्टेबल सुजीत शर्मा, कांस्टेबल राहुल पाण्डेय, महिला कांस्टेबल खुशबू सिंह और महिला कांस्टेबल प्रियंका सिंह शामिल रहीं।