आजमगढ़। परिवार परामर्श प्रकोष्ठ/नई किरण की पहल से गुरुवार को तीन दंपतियों के पारिवारिक विवादों का आपसी समझौते के माध्यम से समाधान कराया गया। चार मामलों में दोनों पक्षों को बुलाकर उनकी समस्याएं सुनी गईं, जिसमें तीन प्रकरणों में सफलतापूर्वक समझौता कराया गया, जबकि एक मामले में समाधान नहीं हो सका।
पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक यातायात एवं नोडल अधिकारी महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन के पर्यवेक्षण में एक अक्टूबर को कोतवाली परिसर स्थित परिवार परामर्श प्रकोष्ठ/नई किरण में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में कुल चार पत्रावलियों से संबंधित पति-पत्नी एवं दोनों पक्षों के परिजनों को फोन तथा नोटिस के माध्यम से सूचना देकर बुलाया गया। सभी चार मामलों में दोनों पक्ष उपस्थित हुए। परिवार परामर्श प्रकोष्ठ के सदस्यों ने पक्षकारों की समस्याएं सुनकर आपसी संवाद, समझाइश और मध्यस्थता के माध्यम से विवादों के समाधान का प्रयास किया।
पुलिस के मुताबिक, दो मामलों में दहेज को लेकर शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना के आरोप से संबंधित विवाद थे। वहीं, एक मामले में पति द्वारा दूसरी महिला के संपर्क में रहने, पत्नी से बातचीत नहीं करने तथा भोजन-खर्च न देने को लेकर विवाद सामने आया। समझाइश और मध्यस्थता के बाद तीन मामलों में दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई और समझौता कराया गया।
समझौता करने वाले मामलों में रिंका पुत्री हरखू राम निवासी कोटिला, थाना रानी की सराय, आँचल पत्नी विरेन्द्र निवासी बनकट, थाना तहबरपुर तथा प्रिया पुत्री धर्मू निवासी मेढ़ी, थाना तहबरपुर शामिल हैं।
परिवार परामर्श प्रकोष्ठ/नई किरण का उद्देश्य पारिवारिक विवादों में दोनों पक्षों के बीच संवाद और आपसी समझ विकसित कर परिवारों को टूटने से बचाने का प्रयास करना है। प्रकोष्ठ के माध्यम से ऐसे मामलों का यथासंभव आपसी सहमति से समाधान कराने का प्रयास किया जाता है।
कार्यवाही के दौरान उपनिरीक्षक महेन्द्र प्रसाद तिवारी, उपनिरीक्षक सत्यनारायण यादव, आरक्षी जितेन्द्र कुमार साह एवं आरक्षी सुनील कुमार गुप्ता मौजूद रहे। बैठक में कुल चार प्रकरणों की सुनवाई हुई, जिनमें तीन का समझौते के माध्यम से समाधान कराया गया।