पूरे अक्टूबर चलेगा विशेष अभियान, थानों और साइबर हेल्प डेस्क के माध्यम से नागरिकों को बताए जाएंगे साइबर ठगी से बचाव के उपाय
आजमगढ़। साइबर अपराधों की रोकथाम और नागरिकों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जनपद आजमगढ़ में बुधवार से राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह-अक्टूबर 2026 का शुभारंभ किया गया। अभियान के तहत पूरे अक्टूबर माह अलग-अलग साइबर सुरक्षा विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक यातायात/नोडल अधिकारी साइबर क्राइम के पर्यवेक्षण में जनपद के समस्त थानों एवं साइबर हेल्प डेस्क द्वारा अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के पहले दिन 'सुरक्षित वेब ब्राउजिंग' (Safe Web Browsing) को मुख्य विषय बनाया गया।
पुलिस टीमों ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में चौपाल, जागरूकता शिविर, सार्वजनिक स्थलों पर संवाद कार्यक्रम और अन्य गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। थाना मुबारकपुर क्षेत्र में रोडवेज स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में भी लोगों को साइबर अपराध से बचाव और विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई।
वेबसाइट और लिंक की जांच करने की दी सलाह
जागरूकता कार्यक्रमों में नागरिकों को सलाह दी गई कि किसी वेबसाइट पर व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी दर्ज करने से पहले उसके URL और वेबसाइट की प्रामाणिकता की जांच करें। केवल वेबसाइट पर HTTPS होना उसकी पूर्ण विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है।
इसके साथ ही अज्ञात SMS, WhatsApp, ई-मेल या सोशल मीडिया संदेशों में मिले संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने, अनजान APK अथवा फाइल डाउनलोड नहीं करने तथा एप्लीकेशन केवल विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोत से डाउनलोड करने की सलाह दी गई।
पुलिस ने लोगों से OTP, PIN, CVV, UPI PIN और पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की अपील की। ऑनलाइन ऑफर, नौकरी, निवेश, इनाम अथवा अन्य किसी लाभ का लालच देने वाली संदिग्ध वेबसाइटों पर भुगतान करने से पहले उनकी सत्यता जांचने के लिए भी कहा गया।
साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर करें कॉल
पुलिस ने बताया कि ऑनलाइन बैंकिंग, UPI, कार्ड, वॉलेट या अन्य माध्यम से वित्तीय साइबर धोखाधड़ी होने पर पीड़ित को बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना देनी चाहिए। इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज की जा सकती है।
पुलिस के अनुसार, साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की सूचना जितनी जल्दी दी जाती है, संबंधित लेनदेन पर रोक या धनराशि को होल्ड कराने के लिए कार्रवाई की संभावना उतनी ही बढ़ती है। पीड़ितों को मोबाइल नंबर, स्क्रीनशॉट, संदिग्ध लिंक, बैंक ट्रांजेक्शन की जानकारी और उपलब्ध अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने की सलाह दी गई।
लोगों को प्रमुख हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी
मुबारकपुर में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को 1090 महिला हेल्पलाइन, 112 पुलिस आपातकालीन सेवा, 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 108 एंबुलेंस, 102 गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं के लिए सेवा तथा 101 अग्निशमन सेवा की जानकारी दी गई।
पुलिसकर्मियों ने लोगों से अपनी समस्याएं और शिकायतें बिना संकोच साझा करने तथा किसी भी प्रकार की असुरक्षा या साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में संबंधित हेल्पलाइन का तत्काल उपयोग करने की अपील की।
पूरे अक्टूबर चलेगा जागरूकता अभियान
राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के दौरान सोशल मीडिया सुरक्षा, डिजिटल भुगतान, फिशिंग, OTP फ्रॉड, फर्जी निवेश और नौकरी के नाम पर होने वाली ठगी सहित साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में नागरिकों को जागरूक किया जाएगा।
आजमगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर सूचना दें।
पुलिस का संदेश: “सतर्क रहें, सुरक्षित रहें, साइबर अपराध की तत्काल सूचना 1930 पर दें।”