धान, गन्ना और सब्जियों को भारी नुकसान का दावा; राजस्व व कृषि विभाग की संयुक्त टीम से सर्वे कराने की मांग
आजमगढ़, 6 अक्टूबर। पिछले दो दिनों से जिले में जारी तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। किसान संगठनों का दावा है कि धान, गन्ना और सब्जी की फसलों को भारी क्षति हुई है। किसान नेताओं ने सरकार से तत्काल फसल क्षति का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।
सोशलिस्ट किसान सभा के महासचिव राजीव यादव और पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव वीरेंद्र यादव ने कहा कि पहले हुई बारिश के बाद अब तेज आंधी और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। उनके अनुसार खेतों में पककर तैयार अगेती धान की फसल तेज हवा और बारिश के कारण गिर गई है। कई स्थानों पर ओलावृष्टि से धान के दाने झड़ने से पैदावार प्रभावित होने की आशंका है।
किसान नेताओं के मुताबिक, तेज हवाओं से गन्ने की फसल भी खेतों में गिर गई है। इससे गन्ने की बढ़वार और चीनी परता प्रभावित होने की संभावना है। वहीं लौकी, नेनुआ, भिंडी, बैंगन, टमाटर समेत विभिन्न सब्जियों की फसलों को भी नुकसान पहुंचने की बात कही गई है।
किसान संगठनों ने राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम गठित कर तत्काल फसल क्षति का सर्वे कराने की मांग की है। उन्होंने सर्वे में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को भी शामिल करने की मांग की, ताकि नुकसान का सही आकलन हो सके।
उन्होंने प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा देने, फसल बीमा का लाभ बिना किसी बाधा के दिलाने तथा गन्ना किसानों को खेत में गिरे गन्ने की तौल में आवश्यक छूट देने की मांग की है। किसान नेताओं ने कहा कि समय रहते सर्वे और मुआवजे की कार्रवाई शुरू नहीं हुई तो किसान संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे।