श्रावस्ती।
श्रावस्ती।योगी सरकार अस्पतालो मे पेयजल व्यवस्था हर स्तर पर मुहैया कराने को लेकर फरमान पर फरमान जारी कर रही है लेकिन हालत यह है जन सामान्य को अस्पताल मे पेयजल की किल्लत का सामना करना पड़ता है।शुद्ध पेयजल की व्यवस्था न होने से मरीज व उनके तीमारदार को इण्डियामार्का नल से ही अपनी प्यास बुझानी पड़ती है दिलचस्प बात यह रही की हाल के दिनो मे नवनियुक्त मुख्य चिकित्साअधिकारी ने सीएचसी भंगहा का निरीक्षण किया लेकिन
जिस मुख्य गेट से उन्होने अस्पताल की सीढ़िया चढ़ी उन्हे यह तनिक भी एहसास नही हुआ कि बंद टोटी मे पानी आता है कि नही आनन फानन मे सीएमओ साहब ने
चिकित्सको की उपस्थिति देखते हुए कईयो को फटकार लगाई और कुछ पर अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण दे दिया गया। अब मामला यह उठता है कि लगभग एक लाख से
अधिक रूपए की लगाई गई वाटर कूलर मशीन के रख रखाव और उसमे पानी न आने की
जानकारी नही ली गई न ही मरीजो से उनके रहने खाने व पेयजल के बारे मे पूछा गया।सिर्फ हनक दिखाकर चिकित्साधिकारियो को काम करने व समय से अस्पताल पहुचने के निर्देश दिए गए।ऐसे मे स्वास्थ्य महकमा मे बेहतर व्यवस्था की
बात करने वाली सरकार को ऐसे अधिकारी बैकफुट पर लाते नजर आ रहे है। जिसे शासन प्रशासन को गम्भीरता से लेते हुए मरीजो व तीमारदारो के लिए बेहतर व्यवस्थाए करने की जरूरत है। जिससे वह योगी युग को बेहतर सरकार की श्रेणी
मे रख कर अच्छे दिन को समझ सके।
रिपोर्ट- प्रदीप गुप्ता
ब्यूरो श्रावस्ती।
आप सभी पाठकों को हमारे लेख कैसे लगे, अपनी राय कमेंट बॉक्स में अवश्य दें।
http://samacharindialive.blogspot.com
https://www.facebook.com/samacharindialive
समाचार इंडिया लाइव
ब्यूरो श्रावस्ती