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बालिका के साथ छेड़खनी के 15 दिन बाद भी नही हुई गिरफ्तारी।

आज़मगढ़।

दलित बालिका के साथ सहायक अध्यापक ने की थी छेड़खानी।

कई दिनों तक सुलह समझौता का होता रहा प्रयास।

सगड़ी।

सगड़ी तहसील क्षेत्र के ब्लॉक अजमतगढ़ शिक्षा क्षेत्र अंतर्गत बेरमा प्राथमिक विद्यालय पर 10 जुलाई को कक्षा 5 में पढ़ने वाली दलित बालिका  के साथ 10 जुलाई 2018 को स्कूल बंद के दौरान सहायक अध्यापक द्वारा छेड़छाड़ की गई थी। जिसके खिलाफ 10 जुलाई को विद्यालय पर परिजनों सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जुटकर प्रदर्शन आदि करते हुए मुकदमा दर्ज कर एवं हेड मास्टर को बर्खास्त करने की मांग करते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। जिसपर पुलिस ने पहुंच कर ग्रामीणों को समझा बुझा कर मामला को शांत कराया।यदि सहायक अध्यापक विद्यालय पर मिल जाते तो ग्रामीण जिस तरह से उत्तेजित थे बड़ी घटना हो सकती थी।जिस पर पुलिस में अनुसूचित जाति जनजाति निवारण अधिनियम, 354 एवं पास्को एक्ट के तहत मुकदमा तो दर्ज कर लिया।पर 15 दिन बीतने के बाद भी सहायक अध्यापक को गिरफ्तार नहीं किया। जिससे दलित परिवार काफी प्रताड़ित है और थाने का चक्कर लगा रहा है। तो आरोपी के परिजन और शिक्षक आरोपों को बे बुनियाद और राजनीति से प्रेरित बता रहे है। और स्कूल में अध्यापकों के विवाद के चलते सहायक अध्यापक को फंसाने का आरोप लगा रहे है।

वही दूसरी तरफ आरोपी के रिश्तेदार एव परिजन  बालिका के परिवार पर जोर जबरदस्ती कर मुकदमा वापस करने का दबाव बना रहे है। जिससे परिवार सहमा हुआ है। जबकि एबीएसए की रिपोर्ट के बाद घटना के दिन ही सहायक अध्यापक सुरेंद्र चौहान को निलम्बित कर दिया गया था।पर मासूम दलित छात्रा के छेड़खानी के बाद 15 दिन बीतने के बाद भी गिरफ्तारी नही हुई।जो पुलिस पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है।कोतवाली प्रभारी उमेश कुमार ने कहा कि आरोपी की तलाश में कई जगह छापेमारी की गई पर आरोपी फरार मिला अब कुड़की की तैयारी की जा रही है।

रिपोर्ट: मनोज चतुर्वेदी

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