सरायमीर। दक्षिण से शुरू हुई "संविधान सम्मान यात्रा" आज शाम आठ बजे आजमगढ़ के ग्राम दाउदपुर/संजरपुर में पहुंची।यात्रा में बंधुआ मुक्ति मोर्चा के संस्थापक, हरियाणा सरकार के पूर्व मंत्री, सामाजिक एवम् राजनैतिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश ने कहा कि मोदी सरकार हर मोर्चे पे फेल हो गई है 2019 में सरकार हाथ से जाती देख कर राम मन्दिर का राग अलापना शुरू कर दिया है.
उन्होंने कहा कि जनता के द्वारा चुना हुआ प्रतिनिधि संविधान की शपथ खा कर मन्दिर निर्माण की बात कर रहा है. बीजेपी आरएसएस के लोग कोर्ट में मामला लंबित होते हुए भी बार - बार सुप्रीम कोर्ट को धमकाने के अंदाज़ में बोल रहा है कि वही फैसला दे जिसका जनता सम्मान कर सके।महाराष्ट् से सुनीता एस आर वरिष्ठ गाँधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता, ने कहा कि ये देश गांधी का देश है.गांधी के विचारों से ही देश को आगे ले जाया सकता है. नाथूराम, सावरकर की जयंती मनाने वाले गांधी की शहादत को भूल कर सिर्फ गांधी के नाम की राजनीति कर रहे है. सीतापुर से संगतिन मजदूर यूनियन , की रिचा सिंह ने कहा कि नोटेबंदी ने असंगठित क्षेत्र की नौकरियों को खत्म कर दिया वहीं जीएसटी ने बड़े पैमाने पे संगठित क्षेत्र में नौकरियों को खत्म कर दिया तो किस मुंह से मोदी देश की आर्थिक स्थिति की मजबूती की बात कर रहे है. अरुन्धति धुरु (सुप्रीम कोर्ट खाद्य सुरक्षा कानून) जी ने कहा कि हमारी यात्रा जन्हा कन्ही जा रही हैं लोग बहुत परेशान हैं प्रशासन में कंही बात नहीं सुनी जाती एक तरफा कर्येवाही होती है धर्म और जति देखकर कार्यवाही की जाती है संविधान के रखवाले ही संविधान को किनारा कर रहे हैं जो इस देश की आवाम होने नहीं देगी।डा० संदीप पाण्डे, गाँधीवादी कार्यकर्ता एवं मैग्सेसे पुरस्कार विजेता ने कहा कि क्या गांधी का देश ऐसा था जैसा बना दिया गया आज देश के नौजवान के अंदर जो ज़हर घोला जा रहा है उससे भाईचारा खत्म किया जा रहा है या हिन्दू राष्ट्र की बात करने वाले सुन ले ये गांधी जी का देश है और इस देश कि यही पहचान है और इस देश कि पहचान जनता मिटने नहीं देगी। मीरा संघमित्रा, मानवाधिकार कार्यकर्ता, ने कहा कि आज मानवता को हमारे देश में शर्मसार कि जा रहा है किस तरह भीड़ आती है और ये किसी इंसान को मस्जिद और चर्च के नाम पर खाने और पहनावे के नाम पर हमला करती है और मार देती है और वीडियो अपलोड करती है और और बीजेपी विधायक इन कातिलों का सम्मान करते हैं इससे ये बात साफ पता चलती है कि इन गुंडों को सरकारी सरंक्षण मिला हुआ है. आजमगढ़ में कितने मासूमों को बेगुंनाह होने के बावजूद जेलों में रखा गया है और आज भी सैकड़ों बेगुनहा जेलों में बंद है और अदालतों में मुकदमे विचार्धीन हैं रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव ने कहा कि मन्दिर का राग अलापने वाले बीजेपी बताए कि सबरीमाला में सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बावजूद औरतों को क्यों नहीं प्रवेश दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कब्रिस्तान और समशान की राजनीति करने वाले बताए की गोरखपुर और फर्रुखाबाद में सैकड़ों मासूमों कि मौत का जिम्मेदार कौन है. उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार मनुवादी एजेंडे के तहत मुस्लिमों, दलितों और पिछड़ी जाती के लोगो का एनकाउंटर कर रही है. गौहत्या के नाम पर औरतों, बच्चो पे रासुका लगाया जा रहा है. मामूली सी कहा सुनी कि घटना को सांप्रदायिक रंग दे कर समुदाय विशेष पर फर्जी मुकदमे लादे जा रहे।इस अवसर पर शाहआलम, मसीहुद्दीन संजरी विनोद यादव. संघमित्रा जी एनएपीएम तेलंगाना, सुनीति एस आर जी पुणे, कामायनी, मांडवी दीदी जन जागरण शक्ति बिहार, स्वाति गुजरात से भूपेंद्र रावत जी जन संगर्ष वाहिनी दिल्ली से, रवीश आलम, रॉबिन वर्मा, सालिम दाऊदी, तारिक शफीक, गुलाम अंबिया, अब्दुल्लाह एडवोकेट, अवधेश यादव, श्रवण, हाफ़िज़ समसुद्दिन, बदरुद्दीन, आदिल, मोहम्मद सकिर, मोहम्मद रेहान, अब्दुल अज़ीम, अली क़दर, सफिउद्दिनआदि शामिल रहे.
रिपोर्ट- ब्यूरो